मतदाता अधिकारों, मतदाता सूची में पारदर्शिता और चुनावी प्रक्रिया में जवाबदेही की मांग को लेकर इंडिया गठबंधन और सिविल सोसाइटी संगठनों ने बुधवार को देहरादून में लोकतंत्र बचाओ-वोट बचाओ संयुक्त मार्च निकाला। कांग्रेस भवन से शुरू हुआ मार्च गांधी पार्क, घंटाघर होते हुए डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा तक पहुंचा। घंटाघर पर मुख्य चुनाव आयुक्त का प्रतीकात्मक पुतला भी दहन किया गया।
महानगर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी ने कहा कि मतदाता का वोट लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है। पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने की पारदर्शी समीक्षा और समाधान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए इंडिया गठबंधन का संघर्ष जारी रहेगा।
कामरेड इंद्रेश मैखुरी ने हटाए गए मतदाता नामों की समीक्षा और पात्र मतदाताओं के नाम दोबारा जोड़ने की मांग की। कांग्रेस प्रदेश महामंत्री संगठन राजेंद्र सिंह भंडारी ने ईसीआई-नेट को लेकर उठ रहे सवालों पर चुनाव आयोग से स्पष्ट और सार्वजनिक जवाब देने की मांग की।
सभा में कांग्रेस, सीपीआई(एम), समाजवादी पार्टी समेत इंडिया गठबंधन के नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और चुनाव आयोग की जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इस दौरान कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, सुजाता पॉल, प्रदेश प्रवक्ता प्रतिमा सिंह समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

