वसुंधरा वॉटरफॉल से आगे घूमने गए कानपुर निवासी एक पर्यटक की जान उस समय सांसत में पड़ गई, जब अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने से वापसी का रास्ता बंद हो गया। पर्यटक नदी के दूसरी ओर फंस गया। सूचना मिलते ही स्थानीय युवकों ने मोर्चा संभाला और पुलिस-एसडीआरएफ की टीम के साथ समन्वय कर उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
घटना 14 अगस्त की है। बदरीनाथ धाम दर्शन के लिए आया पर्यटक वसुंधरा वॉटरफॉल से आगे चला गया था। इसी दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने से वह दूसरी ओर फंस गया। होटल व्यवसायी मंदीप भंडारी ने इसकी सूचना हेड कांस्टेबल चंदन नगरकोटी को दी। इसके बाद कोतवाली बदरीनाथ पुलिस और एसडीआरएफ की टीम तत्काल मौके के लिए रवाना हुई।
स्थानीय युवाओं ने बनाया अस्थायी पुल
पुलिस और एसडीआरएफ के पहुंचने से पहले स्थानीय युवकों मोहित बिष्ट, किशन बिष्ट, नितिन, सौरभ भंडारी, अंशु बिष्ट, धीरेन्द्र, सोनू और मोहित रावत ने पर्यटक की मदद शुरू कर दी। युवकों ने लकड़ियों की मदद से नदी पर अस्थायी पुल बनाने का प्रयास किया। साथ ही दूसरी ओर फंसे पर्यटक तक खाने-पीने की सामग्री भी पहुंचाई।
कुछ देर बाद पुलिस और एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। टीम ने स्थानीय युवाओं के साथ समन्वय कर सुरक्षित रास्ता बनाया और पर्यटक को नदी के दूसरे छोर से सकुशल बाहर निकाल लिया। इसके बाद उसे कोतवाली बदरीनाथ पहुंचाया गया।
पुलिस ने सराहा युवाओं का सहयोग
रेस्क्यू अभियान में स्थानीय युवाओं की तत्परता और पुलिस-एसडीआरएफ की त्वरित कार्रवाई से पर्यटक को सुरक्षित बचाया जा सका। पुलिस ने स्थानीय लोगों के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। अधिकारियों ने पर्यटकों से अपील की है कि बारिश के दौरान नदी-नालों और जलधाराओं के आसपास जाने से बचें और मौसम की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतें।
