अखिल विश्व गायत्री परिवार की संस्थापिका वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा की 100वीं जन्म जयंती पर गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में 29 सितंबर से दो दिवसीय विशेष आयोजन होगा। सामूहिक साधना और संगीत संध्या के साथ उनके जीवन, तप, त्याग, सेवा और युग निर्माण में योगदान से जुड़े प्रेरक प्रसंग सामने आएंगे। आयोजन में देव संस्कृति विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष डॉ. चिन्मय पण्ड्या माताजी के जीवन से जुड़े आत्मीय संस्मरण साझा करेंगे।
दो दिवसीय कार्यक्रम में गायत्री विद्यापीठ के विद्यार्थी और शांतिकुंज के कार्यकर्ता सहभागी होंगे। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए माताजी के संस्कार, सेवा और साधना के संदेश को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाएगा।
शांतिकुंज मीडिया के अनुसार, माता भगवती देवी शर्मा ने युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य के साथ युग निर्माण और विचार क्रांति के अभियान को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नारी जागरण और संस्कार निर्माण के क्षेत्र में उनका योगदान भी उल्लेखनीय रहा।
अखिल विश्व गायत्री परिवार की ओर से इस वर्ष को जन्मशताब्दी वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इसके तहत भारत समेत 50 से अधिक देशों में विभिन्न कार्यक्रमों की शृंखला आयोजित की जा रही है। शांतिकुंज में 29 सितंबर से होने वाले आयोजन की तैयारियां जारी हैं।
