राज्य में जंगली जानवरों से किसानों की फसल की सुरक्षा के लिए चलाई जा रही घेर-बाड़ योजना को एक बार फिर केंद्रीय सहायता मिलनी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से हुई बातचीत के बाद केंद्र सरकार ने इस योजना के लिए उत्तराखंड को 25 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है।
उत्तराखंड में लंबे समय से जंगली जानवरों द्वारा किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाने की समस्या बनी हुई है। इससे निपटने के लिए राज्य सरकार ने घेर-बाड़ योजना शुरू की है। पहले यह योजना राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत केंद्र सरकार के आर्थिक सहयोग से संचालित हो रही थी, लेकिन कुछ समय बाद केंद्रीय सहायता बंद हो गई थी।
किसानों की परेशानी को देखते हुए राज्य सरकार ने जिला योजना के माध्यम से इस योजना के लिए धनराशि उपलब्ध कराई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार इस योजना के लिए केंद्र से आर्थिक सहयोग बहाल कराने का प्रयास कर रहे थे।
विधानसभा में दी गई जानकारी
विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन कृषि मंत्री गणेश जोशी ने सदन को बताया कि केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने घेर-बाड़ योजना के लिए 25 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान कर दी है। उन्होंने कहा कि हाल ही में गौचर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के समक्ष राज्य सरकार ने यह विषय प्रमुखता से रखा था। इसके बाद मंत्रालय की ओर से सहायता मंजूर कर दी गई है और संबंधित पत्र विभाग को प्राप्त हो गया है।
तीन साल में 2841 हेक्टेयर जमीन की घेर-बाड़
राज्य सरकार ने सदन को जानकारी दी कि पिछले तीन वर्षों में जिला योजना के माध्यम से 2841 हेक्टेयर कृषि भूमि की घेर-बाड़ कराई गई है। इससे 44,429 किसानों को लाभ मिला है।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस योजना के प्रति विशेष संवेदनशीलता दिखाई है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष के बजट में भी घेर-बाड़ योजना के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, ताकि अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ मिल सके।
