नीट-यूजी री-एग्जाम का आयोजन 21 जून को देशभर में किया जाएगा। पेपर लीक और परीक्षा में धांधली की आशंकाओं को देखते हुए केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने कई सख्त कदम उठाए हैं, ताकि परीक्षा प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाया जा सके।
टेलीग्राम पर 22 जून तक लगाया गया अस्थायी प्रतिबंध
परीक्षा से जुड़ी फर्जी सूचनाओं और कथित पेपर लीक की अफवाहों को रोकने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने टेलीग्राम ऐप पर 22 जून तक अस्थायी प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, 30 जून तक पुराने संदेशों को संपादित करने की सुविधा भी बंद कर दी गई है।
परीक्षा अवधि बढ़ाकर 195 मिनट की गई
अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए परीक्षा की अवधि में 15 मिनट की बढ़ोतरी की गई है। पहले परीक्षा के लिए 180 मिनट का समय निर्धारित था, जिसे बढ़ाकर अब 195 मिनट कर दिया गया है। इस प्रकार छात्रों को प्रश्नपत्र हल करने के लिए तीन घंटे 15 मिनट का समय मिलेगा।
पेपर तैयार करने वाले कर्मचारियों पर विशेष निगरानी
परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए प्रश्नपत्र तैयार करने वाले सभी कर्मचारियों को सुरक्षित और गोपनीय स्थानों पर रखा गया है। उन्हें मोबाइल फोन और इंटरनेट जैसी सुविधाओं से दूर रखा गया है, ताकि किसी भी प्रकार की सूचना लीक होने की संभावना न रहे।
वायुसेना के हेलीकॉप्टर से पहुंचाए जा रहे प्रश्नपत्र
एनटीए ने प्रश्नपत्रों और ओएमआर शीट्स की सुरक्षित डिलीवरी के लिए विशेष व्यवस्था की है। इन्हें भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों के माध्यम से देशभर की 18 सुरक्षित लोकेशनों तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत हो सके।
सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा री-एग्जाम का मामला
इस बीच, पूरे देश के 22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों की दोबारा परीक्षा कराने के एनटीए के निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। मामले में अदालत में सुनवाई जारी है और सभी की नजरें न्यायालय के फैसले पर टिकी हैं।
