उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस पूर्व सैनिक विभाग द्वारा अग्निवीर भर्ती योजना के विरोध में चलाया जा रहा राज्यव्यापी आंदोलन गुरुवार को चौथे चरण के साथ सम्पन्न हो गया। आंदोलन का नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष कर्नल राम रतन नेगी ने किया। चौथे चरण में ऊधमसिंह नगर, चम्पावत और चमोली सहित कई जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पूर्व सैनिकों ने विरोध प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की।
कांग्रेस के अनुसार आंदोलन के पहले चरण में गढ़वाल मंडल के कोटद्वार और लैंसडाउन में कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। दूसरे चरण में रामनगर, रानीखेत, अल्मोड़ा और हल्द्वानी में प्रदर्शन हुए, जबकि तीसरे चरण में देहरादून, विकासनगर, चकराता, बड़कोट, उत्तरकाशी, नरेंद्रनगर और मसूरी समेत विभिन्न क्षेत्रों में आंदोलन चलाया गया। चौथे चरण में खटीमा, चम्पावत, बाजपुर, रुद्रपुर और नैनीताल सहित अन्य स्थानों पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए।
इस दौरान गणेश गोदियाल, यशपाल आर्य और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता, पूर्व सैनिक, युवा और पार्टी कार्यकर्ता विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए।
आंदोलन को संबोधित करते हुए कर्नल राम रतन नेगी ने कहा कि उत्तराखण्ड को वीर सैनिकों की भूमि कहा जाता है और राज्य के अधिकांश परिवारों का सेना से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष जुड़ाव रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं का सपना भारतीय सेना में भर्ती होकर राष्ट्र सेवा करना रहा है, लेकिन अग्निवीर योजना के तहत सेना भर्ती की अवधि चार वर्ष तक सीमित किए जाने से युवाओं में निराशा और आक्रोश है।
उन्होंने आरोप लगाया कि अग्निवीर योजना युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है और इससे सेना की पारंपरिक व्यवस्था तथा स्थायी रोजगार के अवसर प्रभावित हो रहे हैं। कांग्रेस पार्टी इस योजना का लगातार विरोध करती रही है और आगे भी युवाओं की आवाज को मजबूती से उठाती रहेगी।
कर्नल नेगी ने केंद्र सरकार से अग्निवीर योजना को तत्काल समाप्त करने की मांग करते हुए कहा कि इससे उत्तराखण्ड के युवाओं को पुनः सम्मानपूर्वक भारतीय सेना में भर्ती होकर देश सेवा का अवसर मिल सकेगा।
उन्होंने बताया कि आंदोलन का पांचवां और अंतिम चरण 9 जून से रुद्रप्रयाग और चमोली जनपदों में आयोजित किया जाएगा।
प्रेस वार्ता में प्रदेश महामंत्री राजेंद्र सिंह भंडारी, कैप्टन गोपाल सिंह गढ़िया, सूबेदार बलबीर सिंह, पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा, कैप्टन कुशाल सिंह राणा, जयदीप सिंह, हवलदार रणबीर लाल और डॉ. आर.पी. ध्यानी सहित कई पूर्व सैनिक और कांग्रेस पदाधिकारी मौजूद रहे।
