Uttarakhand:, लू में बच्चों, बुजुर्गों और कामकाजी लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह

प्रदेश में लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और डिहाइड्रेशन व लू से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां अपनाए। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और बाहर काम करने वाले लोगों को दिनभर पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेने तथा अत्यधिक गर्मी के दौरान घर से कम बाहर निकलने की अपील की है।

अत्यधिक गर्मी के कारण हीट क्रैम्प्स, हीट एक्सॉशन और हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। उन्होंने बताया कि हीट क्रैम्प्स में अधिक पसीना आने के बाद मांसपेशियों में दर्द और ऐंठन होती है, जबकि हीट एक्सॉशन शरीर में पानी और नमक की कमी से उत्पन्न होता है। समय पर उपचार न मिलने पर यह हीट स्ट्रोक में बदल सकता है, जो जानलेवा साबित हो सकता है।

लू लगने के प्रमुख लक्षण

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार लू लगने की स्थिति में शरीर का तापमान 104 डिग्री फारेनहाइट या उससे अधिक हो सकता है। इसके साथ मानसिक भ्रम, चिड़चिड़ापन, बेचैनी, तेज सांस, तेज धड़कन, सिरदर्द, मतली, उल्टी, त्वचा का लाल होना और अत्यधिक पसीना या त्वचा का सूख जाना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

बचाव के लिए क्या करें

  • प्यास न लगने पर भी पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
  • ओआरएस, नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ जैसे तरल पदार्थों का सेवन करें।
  • हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें।
  • धूप में निकलते समय टोपी, छाता और सुरक्षात्मक चश्मे का उपयोग करें।
  • यात्रा के दौरान हमेशा पानी साथ रखें।
  • बाहर काम करने वाले लोग सिर, गर्दन और हाथ-पैरों पर गीला कपड़ा रखें।
  • पंखे का उपयोग करें और समय-समय पर ठंडे पानी से स्नान करें।
  • जानवरों को भी छायादार स्थान और पर्याप्त पानी उपलब्ध कराएं।

इन बातों से करें परहेज

  • दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच धूप में बाहर निकलने से बचें।
  • भारी, गहरे रंग और तंग कपड़े न पहनें।
  • अत्यधिक गर्मी में कठिन शारीरिक कार्य न करें।
  • कैफीन और शराब युक्त पेय पदार्थों से दूरी बनाएं।
  • खड़ी गाड़ियों में बच्चों या पालतू जानवरों को अकेला न छोड़ें।

लू लगने पर तुरंत क्या करें

यदि किसी व्यक्ति को लू लगने की आशंका हो तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें और उसे अस्पताल पहुंचाएं। सहायता मिलने तक व्यक्ति को छायादार स्थान पर ले जाएं, अतिरिक्त कपड़े हटाएं और ठंडे पानी से शरीर को ठंडा करें। सिर, गर्दन, बगल और जांघों पर बर्फ या ठंडे गीले तौलिए रखें। यदि व्यक्ति पूरी तरह होश में हो तो उसे ठंडा पानी या तरल पदार्थ पिलाएं।

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि मौसम की गंभीरता को देखते हुए सावधानी बरतें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सहायता प्राप्त करें।

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