देहरादून में सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर मुकेश जोशी की गोली लगने से हुई मौत के मामले में कांग्रेस ने गंभीर चिंता जताते हुए निष्पक्ष, पारदर्शी और उच्चस्तरीय न्यायिक जांच की मांग की है।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व सैनिक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष रोहित चौधरी देहरादून पहुंचे और घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने इसे केवल हादसा मानने से इनकार करते हुए संभावित षड्यंत्र के रूप में भी जांच किए जाने की आवश्यकता बताई।
कांग्रेस भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में कर्नल रोहित चौधरी ने कहा कि दिनदहाड़े करीब तीन किलोमीटर तक दो वाहनों का तेज रफ्तार में पीछा करना और लगातार फायरिंग होना राज्य की कानून-व्यवस्था की गंभीर स्थिति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि देश की सेवा करने वाले एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी की इस प्रकार मृत्यु अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि “डबल इंजन सरकार” कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल साबित हो रही है। जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि सोमवार सुबह मॉर्निंग वॉक के दौरान ब्रिगेडियर जोशी दो गुटों के बीच हुई फायरिंग की चपेट में आ गए। उन्होंने प्रदेश के पूर्व सैनिकों की ओर से शोक व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में सभी जोशी परिवार के साथ खड़े हैं।
कांग्रेस चुनाव प्रचार अभियान समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत ने भी घटना को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देहरादून में लगातार हो रही ऐसी घटनाएं शासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करती हैं और सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल मजबूत किए जाने की जरूरत है।
वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता सुजाता पॉल ने भी कई अहम सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाना कई तथ्यों को छिपाने का संकेत देता है। उन्होंने पूछा कि राजपुर क्षेत्र के जिस जेन-ज़ी क्लब से विवाद की शुरुआत बताई जा रही है, वहां मौजूद लोगों का विवरण सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा की गई प्रेस वार्ता में स्पष्ट किया गया कि यह रोड रेज नहीं बल्कि दो गुटों के बीच का विवाद था। ऐसे में सवाल उठता है कि आरोपियों के पास हथियार कहां से आए और उनका संबंध किन लोगों या संगठनों से है।
कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन से यह भी पूछा कि देर रात तक संचालित होने वाले पब और क्लबों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई है।
कांग्रेस नेताओं ने एक स्वर में मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाए और पूर्व सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
प्रेस वार्ता के बाद कर्नल रोहित चौधरी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने दिवंगत ब्रिगेडियर जोशी के परिजनों से मुलाकात कर संवेदनाएं व्यक्त कीं। इसके बाद उन्होंने सैंया धाम का भी दौरा किया और वहां कार्य की गुणवत्ता पर नाराजगी जताते हुए सुधार की मांग की।
इस दौरान कर्नल राम रतन नेगी, कर्नल मोहन सिंह, लेफ्टिनेंट गोपाल गड़िया, सूबेदार बचन सिंह, हवलदार महेश कुकरेती, सूबेदार राजपाल, सूबेदार सुरजीत, लेफ्टिनेंट साहदेव शर्मा, पंकज क्षेत्री, अमरजीत सिंह, शिशपाल बिष्ट और गरिमा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
