मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीपावली के अवसर पर गढ़ी कैंट क्षेत्र में सेना के जवानों को देखकर अपना काफिला रुकवा दिया। उन्होंने जवानों के बीच पहुंचकर उनसे मुलाकात की और मिठाई खिलाकर दीपावली की खुशियां साझा कीं। मुख्यमंत्री ने जवानों का कुशलक्षेम भी जाना और उन्हें पर्व की शुभकामनाएं दीं।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा और राष्ट्र की अखंडता बनाए रखने के लिए सैनिक दिन-रात पूरी निष्ठा, समर्पण और साहस के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं। उनके सतर्क पहरे के कारण ही देशवासी सुरक्षित माहौल में त्योहार मना पाते हैं।

उन्होंने कहा कि त्योहारों पर जब लोग अपने परिवारों के साथ खुशियां मनाते हैं, तब अनेक सैनिक घर-परिवार से दूर रहकर देश की सुरक्षा में तैनात रहते हैं। उनका त्याग, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति समर्पण प्रत्येक नागरिक के लिए प्रेरणास्रोत है। सैनिकों का सम्मान और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना हर देशवासी का दायित्व है।

मुख्यमंत्री ने जवानों के सुखद, स्वस्थ और सुरक्षित जीवन की कामना करते हुए उनके शौर्य और समर्पण को नमन किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड वीरभूमि है और प्रदेश के युवाओं की भारतीय सेना में सेवा की गौरवशाली परंपरा रही है। यहां का प्रत्येक नागरिक अपने सैनिकों और उनके परिवारों पर गर्व करता है। सैनिकों का साहस और राष्ट्रप्रेम आने वाली पीढ़ियों को भी देशसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।