Uttarakhand: अमित शाह के दौरे पर महिला कांग्रेस का विरोध, ज्ञापन देने जा रही कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उत्तराखंड आगमन के दौरान उत्तराखंड प्रदेश महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में महिला कांग्रेस की पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कई ज्वलंत मुद्दों को लेकर ज्ञापन देने का प्रयास किया। हालांकि पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया, जिसके बाद मौके पर हंगामे की स्थिति बन गई।

इन मुद्दों को लेकर दिया जाना था ज्ञापन

प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने बताया कि महिला कांग्रेस की ओर से बिगड़ती कानून व्यवस्था, अंकिता भंडारी हत्याकांड में पूर्ण न्याय न मिलने, महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध, महंगाई, बेरोजगारी और आम जनता से जुड़े अन्य गंभीर मुद्दों को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री को ज्ञापन दिया जाना था।

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित जेफरी एपस्टीन से जुड़ी फाइल में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम सामने आने की खबरों को लेकर भी निष्पक्ष जांच और उनके इस्तीफे की मांग ज्ञापन में शामिल थी।

पुलिस पर लगाया रोकने का आरोप

ज्योति रौतेला ने आरोप लगाया कि महिला कांग्रेस की कार्यकर्ता लोकतांत्रिक तरीके से ज्ञापन देने जा रही थीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें काफी देर तक रोककर रखा। उन्होंने कहा कि मौके पर मौजूद किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने ज्ञापन लेने की कोशिश तक नहीं की।

धक्का-मुक्की में लगी चोट

प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि जब उन्होंने इस पर नाराजगी जताई तो वहां भारी पुलिस बल की मौजूदगी में धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई, जिसमें उन्हें चोटें भी आईं। इसके बाद बिना ज्ञापन लिए ही उन्हें और अन्य महिला कार्यकर्ताओं को ऋषिकेश कोतवाली ले जाया गया।

लोकतंत्र में आवाज उठाने का अधिकार: रौतेला

इस पूरे घटनाक्रम पर नाराजगी जताते हुए ज्योति रौतेला ने कहा कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक संगठनों को अपनी बात रखने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह केवल किसी एक राजनीतिक दल के नहीं बल्कि पूरे देश के गृह मंत्री हैं, इसलिए उन्हें जनता से जुड़े मुद्दों को सुनना चाहिए।

महिलाओं की सुरक्षा और बेरोजगारी पर चिंता

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में लगातार बिगड़ती कानून व्यवस्था, महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध, युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी और महंगाई का बोझ गंभीर चिंता का विषय है। अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी का नाम अब तक सार्वजनिक न होना भी कई सवाल खड़े करता है।

निष्पक्ष जांच और इस्तीफे की मांग

ज्योति रौतेला ने कहा कि जेफरी एपस्टीन से जुड़ी फाइल में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम सामने आने के मामले में पारदर्शिता के लिए निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जांच पूरी होने तक उनसे इस्तीफा लिया जाना चाहिए।

आंदोलन की चेतावनी

महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि प्रशासन भाजपा सरकार के दबाव में काम कर रहा है और महिलाओं की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इन ज्वलंत मुद्दों पर गंभीरता से संज्ञान नहीं लेती है तो महिला कांग्रेस पूरे प्रदेश में व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

इस मौके पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष आशा मनोरमा शर्मा, महानगर अध्यक्ष उर्मिला ढौंढियाल थापा, जिला अध्यक्ष पछुवादून अंशुल त्यागी, जिला अध्यक्ष हरिद्वार अंजू मिश्रा, महासचिव निधि नेगी, ब्लॉक अध्यक्ष अनीता सकलानी, महासचिव दीपा चौहान, प्रदेश महासचिव नलिनी दीक्षित, सचिव भावना शर्मा, नितिन उनियाल और गौरव रावत सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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