केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को हरिद्वार में आयोजित जन-जन की सरकार, चार साल बेमिसाल कार्यक्रम में उत्तराखंड को बड़ी सौगात दी। इस अवसर पर उन्होंने कुल 1129.91 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
कार्यक्रम के दौरान 1014.81 करोड़ रुपये की 22 योजनाओं का शिलान्यास और 115.10 करोड़ रुपये की 17 योजनाओं का लोकार्पण किया गया।
इन योजनाओं का हुआ लोकार्पण
कार्यक्रम में कई विभागों से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया, जिनमें मुख्य रूप से पुलिस, कारागार, सहकारिता और होमगार्ड विभाग की परियोजनाएं शामिल रहीं।
- 14 करोड़ रुपये– सहकारिता विभाग के तहत मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना के अंतर्गत आईएमआर प्लांट का लोकार्पण।
- 18.17 करोड़ रुपये– देहरादून पुलिस लाइन में 46 आवासीय भवनों का लोकार्पण।
- 6.55 करोड़ रुपये– पौड़ी गढ़वाल पुलिस लाइन में बहुउद्देशीय भवन और उत्तरकाशी के धरासू थाने के प्रशासनिक भवन का लोकार्पण।
- 5.48 करोड़ रुपये– पौड़ी गढ़वाल के लक्ष्मणझूला व लैंसडाउन तथा उत्तरकाशी के धरासू थाने में कुल 18 आवासीय भवनों का लोकार्पण।
- 5.40 करोड़ रुपये– टिहरी गढ़वाल के पीटीसी नरेंद्रनगर में एकेडमिक ब्लॉक और राजपत्रित छात्रावास का लोकार्पण।
- 12.75 करोड़ रुपये– नैनीताल व टिहरी में विभिन्न थानों में 48 आवासीय भवनों का लोकार्पण।
- 14.36 करोड़ रुपये– देहरादून में आईआरबी द्वितीय के आरटीसी के लिए प्रशासनिक भवन और अन्य अवसंरचनात्मक कार्यों का लोकार्पण।
- 6.98 करोड़ रुपये– अल्मोड़ा और बागेश्वर में 18 आवासीय भवनों का लोकार्पण।
- 7.16 करोड़ रुपये– चंपावत, टनकपुर और लोहाघाट में 18 आवासीय भवनों का लोकार्पण।
- 9.16 करोड़ रुपये– हरिद्वार जिला कारागार के आवासीय भवनों का लोकार्पण।
- 4.90 करोड़ रुपये– हरिद्वार जिला कारागार में हाई सिक्योरिटी बैरकों का लोकार्पण।
- 1.80 करोड़ रुपये– देहरादून जिला कारागार में वीसी क्यूबिकल्स का लोकार्पण।
- 1.22 करोड़ रुपये– हरिद्वार जिला कारागार में VC क्यूबिकल्स का लोकार्पण।
- 1.22 करोड़ रुपये– रुड़की उप कारागार में वीसी क्यूबिकल्स निर्माण कार्य का लोकार्पण।
- 0.84 करोड़ रुपये– हल्द्वानी उप कारागार में वीसी क्यूबिकल्स का लोकार्पण।
- 2.63 करोड़ रुपये– टिहरी गढ़वाल में होमगार्ड कार्यालय भवन का लोकार्पण।
- 2.48 करोड़ रुपये– पिथौरागढ़ में होमगार्ड कार्यालय भवन का लोकार्पण।
इन योजनाओं का हुआ शिलान्यास
कार्यक्रम में कई बड़े विकास कार्यों की आधारशिला भी रखी गई, जिनमें आपदा प्रबंधन, पुलिस आवास, कारागार और हरिद्वार गंगा कॉरिडोर परियोजना से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं।
- 20 करोड़ रुपये – सहकारी समितियों के निबंधक कार्यालय मुख्यालय भवन का शिलान्यास।
- 6.13 करोड़ रुपये – अल्मोड़ा में कोसी नदी पर 60 मीटर मोटर पुल का निर्माण।
- 11.58 करोड़ रुपये – चमोली में अलकनंदा नदी पर 78 मीटर मोटर पुल का निर्माण।
- 82.37 करोड़ रुपये – जोशीमठ (ज्योतिर्मठ) में ड्रेनेज से जुड़े कार्यों का शिलान्यास।
- 516.98 करोड़ रुपये – जोशीमठ के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में स्लोप स्टेबलाइजेशन कार्य।
- 155.45 करोड़ रुपये – देहरादून पुलिस लाइन में 360 आवासीय भवनों का निर्माण।
- 54.04 करोड़ रुपये – आईआरबी द्वितीय देहरादून में 120 आवासीय भवनों का निर्माण।
- 7.07 करोड़ रुपये – हरिद्वार में अभियोजन विभाग के कार्यालय भवन का निर्माण।
- 9.29 करोड़ रुपये – सितारगंज केंद्रीय कारागार में अतिरिक्त आवासीय भवनों का निर्माण।
- 9.97 करोड़ रुपये – अल्मोड़ा जिला कारागार में आवासीय भवनों का निर्माण।
- 1.23 करोड़ रुपये – रुड़की उप कारागार में ट्यूबवेल और ओवरहेड टैंक का निर्माण।
- 2.51 करोड़ रुपये– रुड़की उप कारागार में अतिरिक्त आवासीय भवनों का निर्माण।
- 4.90 करोड़ रुपये – हरिद्वार जिला कारागार में नई बैरकों का निर्माण।
- 0.99 करोड़ रुपये – हरिद्वार जिला कारागार में महिला बैरक निर्माण।
- 21.25 करोड़ रुपये – हरिद्वार जिला कारागार में अतिरिक्त आवासीय भवनों का निर्माण।
- 1.63 करोड़ रुपये – चमोली जिला कारागार में वीसी हॉल और क्यूबिकल्स का निर्माण।
- 0.28 करोड़ रुपये – पिथौरागढ़ जिला कारागार में वीसी क्यूबिकल्स का निर्माण।
- 0.57 करोड़ रुपये – पौड़ी जिला कारागार में साउंडप्रूफ वीसी क्यूबिकल्स का निर्माण।
- 2.24 करोड़ रुपये – चंपावत में होमगार्ड कार्यालय भवन का निर्माण।
- 2.74 करोड़ रुपये – उत्तरकाशी में होमगार्ड कार्यालय भवन का निर्माण।
- 43.25 करोड़ रुपये – हरिद्वार गंगा कॉरिडोर परियोजना के तहत रोडीबेलवाला क्षेत्र के पुनर्विकास का शिलान्यास।
- 60.34 करोड़ रुपये – हरिद्वार में सतीकुंड पुनर्विकास परियोजना का शिलान्यास।
कार्यक्रम में कहा गया कि इन योजनाओं के पूरा होने से उत्तराखंड में आधारभूत ढांचे, पुलिस आवास, आपदा प्रबंधन और धार्मिक पर्यटन विकास को नई गति मिलेगी तथा प्रदेश के विकास को मजबूती मिलेगी।
