देश की राष्ट्रपति एवं सशस्त्र सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू शनिवार को देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में आयोजित पासिंग आउट परेड (पीओपी) में मुख्य अतिथि और समीक्षा अधिकारी के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने आईएमए के 158वें नियमित तथा 141वें तकनीकी स्नातक पाठ्यक्रम की भव्य परेड की समीक्षा की और नवप्रशिक्षित सैन्य अधिकारियों को शुभकामनाएं दीं।
सैन्य अधिकारियों को कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति का संदेश
अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने पास आउट होने वाले कैडेट्स को भारत माता की रक्षा के लिए कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि सैन्य अधिकारी केवल देश की सीमाओं के प्रहरी ही नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के विश्वास, सम्मान और आकांक्षाओं के भी संरक्षक हैं।
9 महिला कैडेटों के पास आउट होने से बना इतिहास
इस वर्ष की पासिंग आउट परेड की सबसे खास उपलब्धि 9 महिला कैडेटों का सफलतापूर्वक पास आउट होना रही। आईएमए के इतिहास में इसे एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पड़ाव माना जा रहा है। राष्ट्रपति ने कहा कि यह उपलब्धि महिला सशक्तिकरण और महिला-नेतृत्व वाले विकास की दिशा में देश की बढ़ती प्रगति को दर्शाती है।
16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट भी बने अधिकारी
परेड में 481 भारतीय कैडेटों के साथ 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट भी पास आउट हुए। राष्ट्रपति ने इसे भारत की वैश्विक मित्रता, आपसी विश्वास और अंतरराष्ट्रीय रक्षा सहयोग के मजबूत होते संबंधों का प्रतीक बताया।
बदलती चुनौतियों के बीच आधुनिक सेना की जरूरत पर जोर
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि तेजी से बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य और तकनीकी प्रगति के दौर में भारतीय सेना को निरंतर नवाचार, आधुनिकता और अनुकूलनशीलता के साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने युवा अधिकारियों से अग्रिम मोर्चे से नेतृत्व करने, उच्च नैतिक मूल्यों का पालन करने और सैनिकों के कल्याण तथा सैन्य प्रभावशीलता के बीच संतुलन बनाए रखने का आह्वान किया।
राज्यपाल, मुख्यमंत्री समेत कई गणमान्य रहे मौजूद
इस अवसर पर उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भारतीय सैन्य अकादमी के समादेशक लेफ्टिनेंट जनरल नागेंद्र सिंह सहित सैन्य और नागरिक प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, गणमान्य अतिथि तथा बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। सभी ने नवप्रशिक्षित अधिकारियों का उत्साहवर्धन किया।
राष्ट्र की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाने का जताया विश्वास
राष्ट्रपति ने सभी नव नियुक्त सैन्य अधिकारियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे देश की सुरक्षा, सम्मान और अखंडता की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे तथा राष्ट्र सेवा की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाएंगे।
