मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए उत्तराखंड में 2 जुलाई को अब तक की सबसे व्यापक राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर सभी 13 जिलों के 66 स्थानों पर राहत एवं बचाव अभ्यास किया जाएगा, जिसमें अधिकांश स्थान पहली बार शामिल किए गए हैं।
मॉक ड्रिल से पहले मंगलवार को राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में टेबल टॉप एक्सरसाइज के माध्यम से सभी जिलों और संबंधित विभागों की तैयारियों, संसाधनों, आपसी समन्वय और आपदा प्रतिक्रिया प्रणाली का परीक्षण किया गया। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने कहा कि इस अभ्यास का उद्देश्य विभिन्न विभागों की तत्परता, त्वरित निर्णय क्षमता और राहत-बचाव कार्यों की प्रभावशीलता को मजबूत करना है, ताकि वास्तविक आपदा के समय जन-धन की हानि को न्यूनतम किया जा सके।
इस दौरान आधुनिक राहत एवं बचाव उपकरणों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। वहीं मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि 30 जून को उत्तराखंड में मानसून ने दस्तक दे दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 2 जुलाई को आयोजित मॉक ड्रिल और आधुनिक उपकरणों की प्रदर्शनी का निरीक्षण भी करेंगे।
