दिल्ली में सीजेपी के आंदोलन के दौरान बल प्रयोग किए जाने पर उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलनकारियों की आवाज दबाने के लिए बल प्रयोग करना लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक अधिकारों के विपरीत है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का सम्मान सुनिश्चित करने की मांग की।

डॉ. प्रतिमा सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक और संगठन को अपनी मांगें शांतिपूर्ण तरीके से उठाने और सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध दर्ज कराने का संवैधानिक अधिकार है। असहमति लोकतंत्र की कमजोरी नहीं, बल्कि उसकी बुनियादी ताकत है। सरकार को आंदोलनों को दबाने के बजाय प्रदर्शनकारियों की मांगें सुनकर संवाद के माध्यम से समाधान निकालना चाहिए।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव तक सीमित नहीं है। इसमें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, शांतिपूर्ण सभा करने और सत्ता से सवाल पूछने का अधिकार भी शामिल है। किसी भी सरकार को इन अधिकारों का सम्मान करना चाहिए।

डॉ. प्रतिमा सिंह ने केंद्र सरकार से दिल्ली में सीजेपी के आंदोलन के दौरान हुई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराने, आंदोलनकारियों के अधिकारों की रक्षा करने और शांतिपूर्ण विरोध के लिए अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संविधान, लोकतांत्रिक संस्थाओं और नागरिक स्वतंत्रताओं की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। लोकतंत्र में जनता की आवाज सर्वोपरि है और उसे दबाने के बजाय सुना जाना चाहिए।