हरिद्वार में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में सेवामुक्त अग्निवीरों को समूह ‘ग’ के वर्दीधारी पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा और शारीरिक मानक परीक्षा में छूट देने संबंधी नई नियमावली को मंजूरी दी गई। साथ ही साहसी बच्चों को सम्मानित करने के लिए मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना, बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली-2026 और अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक-2026 को भी मंजूरी दी गई। बैठक में कुल 13 प्रस्तावों पर निर्णय लिए गए।
हरिद्वार स्थित मेला नियंत्रण भवन (सीसीआर) सभागार में हुई बैठक में राज्य के विकास, आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, प्रशासनिक सुधार और जनहित से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई।
अग्निवीरों के लिए नई नियमावली
मंत्रिमंडल ने सेवामुक्त अग्निवीरों को राज्याधीन सेवाओं के समूह ‘ग’ के सीधी भर्ती वाले वर्दीधारी पदों पर सेवायोजन के लिए नई क्षैतिज आरक्षण नियमावली को मंजूरी दी। वर्ष 2025 की नियमावली में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान था। अब केंद्र सरकार के नवीन दिशा-निर्देशों के अनुरूप लिखित परीक्षा और शारीरिक मानक परीक्षा में छूट के प्रावधान शामिल किए गए हैं।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियां होंगी नियंत्रित
प्रदेश में बाढ़ संभावित क्षेत्रों में भूमि के उपयोग और विकास गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली-2026 को मंजूरी दी गई। इसका उद्देश्य बाढ़ के प्राकृतिक प्रवाह को बनाए रखने के साथ जन-धन, संपत्ति और महत्वपूर्ण आधारभूत ढांचे को नुकसान से बचाना है।
छोटे अपराधों के प्रावधानों में होगा बदलाव
व्यापारिक गतिविधियों को सरल बनाने और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए द्वितीय उत्तराखंड जन विश्वास संशोधन विधेयक-2026 को विधानसभा में पेश करने की मंजूरी दी गई। इसके तहत छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने और मामूली तकनीकी व प्रक्रियात्मक त्रुटियों पर नागरिक दंड एवं प्रशासनिक कार्रवाई के प्रावधान किए जाएंगे।
मदन मोहन मालवीय संस्थान का होगा विस्तार
हरिद्वार के ऋषिकुल स्थित श्री मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के विकास के लिए सोसायटी गठन को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। संस्थान को योग एवं ध्यान, आयुर्वेद अनुसंधान, ज्योतिष एवं प्राच्य अध्ययन, ललित कला, हिंदू अध्ययन एवं दर्शन और आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है।
अग्निशमन सेवाओं के लिए नया कानून
मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक-2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी दी। इसके जरिए मौजूदा कानून को संशोधित कर औद्योगिक विकास, नगरीकरण और आग की घटनाओं से जुड़ी चुनौतियों के अनुरूप व्यवस्था बनाने का प्रस्ताव है।
ये फैसले भी हुए
- मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना को मंजूरी दी गई। इसके तहत असाधारण साहस, पराक्रम और मानवीय संवेदना दिखाने वाले बच्चों को सम्मानित किया जाएगा।
- उत्तराखंड की पंचम विधानसभा के वर्ष 2026 के तृतीय सत्र को आहूत करने की मंजूरी दी गई। तिथि और स्थान तय करने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया।
- स्वजल के 189 और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 26 समेत कुल 215 पदों की निरंतरता 28 फरवरी 2027 तक बढ़ाई गई।
- उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना विकास अधिनियम की अनुसूची में संशोधन को मंजूरी दी गई। परिसंपत्तियों के विनिवेश और मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत संबंधित सार्वजनिक अभिकरणों को देने का प्रावधान किया गया।
- हरिद्वार के भगवानपुर क्षेत्र के ग्राम सिसौना में किफायती आवासीय परियोजना के पहुंच मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई में तीन मीटर की छूट दी गई। उपलब्ध छह मीटर चौड़े मार्ग को मंजूरी के लिए स्वीकार किया गया।
- ऊधमसिंह नगर के बाजपुर क्षेत्र में भू-उपयोग परिवर्तन संबंधी शासनादेश में खसरा संख्या की त्रुटि सुधार को मंजूरी दी गई।
- संस्कृति विभाग में वित्तीय अधिकारों से संबंधित व्यवस्था में संशोधन को मंजूरी दी गई।
- मंत्रिमंडल ने राज्य के विकास में निरंतर सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार भी व्यक्त किया।

