कांग्रेस ने शुरू किया छात्रों की गूंज अभियान, परीक्षा व्यवस्था में सुधार और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने छात्रों और नौकरी अभ्यर्थियों से जुड़े मुद्दों को लेकर देशव्यापी “छात्रों की गूंज” अभियान का शुभारंभ किया है। 40 दिनों तक चलने वाले इस अभियान के तहत देश के 28 प्रमुख शहरों में छात्रों, कोचिंग संस्थानों, कॉलेज परिसरों, पुस्तकालयों और युवा समूहों के बीच पहुंचकर पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने, भर्ती में देरी और एनटीए की कार्यप्रणाली जैसे मुद्दों को उठाया जाएगा। कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे सहित परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग की है।राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन और चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष एवं सेंट्रल इलेक्शन कमेटी के सदस्य प्रीतम सिंह ने प्रेस वार्ता में अभियान की जानकारी दी। रंजीत रंजन ने कहा कि यह अभियान उन लाखों छात्रों और अभ्यर्थियों की आवाज है जिनकी मेहनत बार-बार पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने, परिणामों में देरी और भर्ती प्रक्रियाओं के अटकने से प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि छात्र किसी प्रकार का एहसान नहीं, बल्कि निष्पक्ष परीक्षा और समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया की मांग कर रहे हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि पारदर्शिता और सुधार के नाम पर गठित नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) छात्रों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। उनके अनुसार पिछले वर्षों में देशभर में 89 से अधिक पेपर लीक और परीक्षा घोटालों के मामले सामने आए, लेकिन अब तक किसी बड़े सरगना या पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश नहीं हो सका है।रंजीत रंजन ने कहा कि NEET-UG 2026 पेपर लीक मामला परीक्षा व्यवस्था की खामियों का बड़ा उदाहरण है। उन्होंने आरोप लगाया कि लाखों छात्रों की मेहनत और परिवारों की उम्मीदें इस घोटाले की भेंट चढ़ गईं। साथ ही उन्होंने दावा किया कि इस मामले के बाद देशभर में 20 से अधिक छात्रों ने आत्महत्या की, जिनमें देहरादून की रिया थापा भी शामिल हैं।विधायक एवं चुनाव संचालन समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि इस पूरे मुद्दे पर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी निराशाजनक है। उन्होंने कहा कि जब छात्र सड़कों पर हैं, परिवार परेशान हैं और परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं, तब सरकार को जवाबदेही दिखानी चाहिए।कांग्रेस ने इस अभियान के माध्यम से तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और पेपर लीक माफिया, एजेंसियों, अधिकारियों तथा कथित राजनीतिक संरक्षण की निष्पक्ष जांच। दूसरी, एनटीए सहित पूरी परीक्षा प्रणाली की व्यापक समीक्षा और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना। तीसरी, वार्षिक परीक्षा एवं भर्ती कैलेंडर लागू कर परीक्षा, परिणाम और नियुक्ति की समयसीमा पहले से तय करना तथा उसका सख्ती से पालन सुनिश्चित करना।कांग्रेस ने छात्रों से इस अभियान से जुड़ने की अपील करते हुए एक मिस्ड कॉल नंबर जारी किया है तथा ऑनलाइन पंजीकरण के माध्यम से आंदोलन में भागीदारी का आह्वान किया है।प्रेस वार्ता में अभियान संयोजक सुमित्तर भुल्लर, महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला, संचार विभाग के राष्ट्रीय सचिव वैभव वालिया, प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी, प्रवक्ता अभिनव थापर, युवा कांग्रेस अध्यक्ष विशाल सिंह भोजक, एनएसयूआई अध्यक्ष विकास नेगी, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ अध्यक्ष सुलेमान अंसारी, अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय संयोजक नानक चंद, महानगर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. जसविंदर गोगी, महामंत्री संजय पालीवाल, गोदावरी थापली और इशिता सेडा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

कांग्रेस ने शुरू किया छात्रों की गूंज अभियान, परीक्षा व्यवस्था में सुधार और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
देहरादून, 25 जून। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने छात्रों और नौकरी अभ्यर्थियों से जुड़े मुद्दों को लेकर देशव्यापी “छात्रों की गूंज” अभियान का शुभारंभ किया है। 40 दिनों तक चलने वाले इस अभियान के तहत देश के 28 प्रमुख शहरों में छात्रों, कोचिंग संस्थानों, कॉलेज परिसरों, पुस्तकालयों और युवा समूहों के बीच पहुंचकर पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने, भर्ती में देरी और एनटीए की कार्यप्रणाली जैसे मुद्दों को उठाया जाएगा। कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे सहित परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग की है।
राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन और चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष एवं सेंट्रल इलेक्शन कमेटी के सदस्य प्रीतम सिंह ने प्रेस वार्ता में अभियान की जानकारी दी। रंजीत रंजन ने कहा कि यह अभियान उन लाखों छात्रों और अभ्यर्थियों की आवाज है जिनकी मेहनत बार-बार पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने, परिणामों में देरी और भर्ती प्रक्रियाओं के अटकने से प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि छात्र किसी प्रकार का एहसान नहीं, बल्कि निष्पक्ष परीक्षा और समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि पारदर्शिता और सुधार के नाम पर गठित नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) छात्रों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। उनके अनुसार पिछले वर्षों में देशभर में 89 से अधिक पेपर लीक और परीक्षा घोटालों के मामले सामने आए, लेकिन अब तक किसी बड़े सरगना या पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश नहीं हो सका है।
रंजीत रंजन ने कहा कि NEET-UG 2026 पेपर लीक मामला परीक्षा व्यवस्था की खामियों का बड़ा उदाहरण है। उन्होंने आरोप लगाया कि लाखों छात्रों की मेहनत और परिवारों की उम्मीदें इस घोटाले की भेंट चढ़ गईं। साथ ही उन्होंने दावा किया कि इस मामले के बाद देशभर में 20 से अधिक छात्रों ने आत्महत्या की, जिनमें देहरादून की रिया थापा भी शामिल हैं।
विधायक एवं चुनाव संचालन समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि इस पूरे मुद्दे पर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी निराशाजनक है। उन्होंने कहा कि जब छात्र सड़कों पर हैं, परिवार परेशान हैं और परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं, तब सरकार को जवाबदेही दिखानी चाहिए।
कांग्रेस ने इस अभियान के माध्यम से तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और पेपर लीक माफिया, एजेंसियों, अधिकारियों तथा कथित राजनीतिक संरक्षण की निष्पक्ष जांच। दूसरी, एनटीए सहित पूरी परीक्षा प्रणाली की व्यापक समीक्षा और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना। तीसरी, वार्षिक परीक्षा एवं भर्ती कैलेंडर लागू कर परीक्षा, परिणाम और नियुक्ति की समयसीमा पहले से तय करना तथा उसका सख्ती से पालन सुनिश्चित करना।
कांग्रेस ने छात्रों से इस अभियान से जुड़ने की अपील करते हुए एक मिस्ड कॉल नंबर जारी किया है तथा ऑनलाइन पंजीकरण के माध्यम से आंदोलन में भागीदारी का आह्वान किया है।
प्रेस वार्ता में अभियान संयोजक सुमित्तर भुल्लर, महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला, संचार विभाग के राष्ट्रीय सचिव वैभव वालिया, प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी, प्रवक्ता अभिनव थापर, युवा कांग्रेस अध्यक्ष विशाल सिंह भोजक, एनएसयूआई अध्यक्ष विकास नेगी, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ अध्यक्ष सुलेमान अंसारी, अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय संयोजक नानक चंद, महानगर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. जसविंदर गोगी, महामंत्री संजय पालीवाल, गोदावरी थापली और इशिता सेडा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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