जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों पर सरकार अब और सख्ती करने जा रही है। राज्य में त्योहारों के अलावा हर महीने एक सप्ताह खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। साथ ही खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग में स्टाफ की कमी को भी दूर किया जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा न जाए।
हर महीने अभियान, हाट-मेलों पर विशेष नजर
उत्तराखंड विधानसभा बजट सत्र 2026 के चौथे दिन सरकार ने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों की जांच का कार्य पहले से ही जारी है और अब इसे और तेज किया जाएगा।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि विशेष रूप से हाट-बाजार और मेलों में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की सख्ती से जांच की जाएगी।
खाद्य पदार्थों की जांच: पिछले दो वर्षों का आंकड़ा
वर्ष 2023-24
- कुल 1627 खाद्य नमूने लिए गए
- इनमें से 171 नमूने फेल पाए गए
- इसके आधार पर 171 वाद पंजीकृत किए गए
वर्ष 2024-25
- कुल 1684 नमूने लिए गए
- इनमें से 159 नमूने फेल पाए गए
- इसके आधार पर 159 वाद दर्ज किए गए
जल्द भरे जाएंगे खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के पद
प्रदेश में वर्तमान में 28 खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के पद खाली हैं। सरकार ने इन पदों को भरने के लिए उत्तराखंड लोक सेवा आयोग को अधियाचन भेजा है। यदि भर्ती प्रक्रिया में विलंब होता है तो प्रतिनियुक्ति के माध्यम से भी पद भरने का विकल्प अपनाया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की कमी को जल्द दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि देहरादून में खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला (टेस्टिंग लैब) का निर्माण कार्य इस माह 31 मार्च तक पूरा होने की उम्मीद है।
सरकार का कहना है कि इन कदमों से राज्य में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
