महिला कांग्रेस ने केंद्र सरकार की ओर से रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी का कड़ा विरोध किया है। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय, देहरादून में आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाते हुए गैस की कीमतों में तत्काल कमी करने की मांग की।
ज्योति रौतेला ने कहा कि देश में महंगाई लगातार बढ़ रही है और इसका सबसे अधिक असर गरीब व मध्यम वर्ग के परिवारों पर पड़ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें काफी कम थीं, तब सरकार ने पेट्रोल-डीजल सस्ता कर जनता को राहत क्यों नहीं दी।
संसद में बहस से बच रही सरकार: रौतेला
महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पश्चिम एशिया की स्थिति और उसके भारत पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर विपक्ष संसद में चर्चा की मांग कर रहा है, लेकिन केंद्र सरकार इस पर बहस की अनुमति देने से इनकार कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की विदेश नीति पहले ही सवालों के घेरे में है।
उन्होंने कहा कि जब अमेरिका के प्रतिनिधियों द्वारा भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए समयसीमा की बात कही गई, तब नरेन्द्र मोदी सरकार के शीर्ष नेताओं ने इसका स्पष्ट खंडन क्यों नहीं किया।
गैस की कीमतों से आम जनता परेशान
ज्योति रौतेला ने कहा कि देश में रसोई गैस की कीमतों को लेकर लोगों में भारी चिंता है। उनके अनुसार, पिछले वर्षों में गैस सिलेंडर की कीमत लगभग 450 रुपये से बढ़कर 1100 रुपये तक पहुंच गई है, जिससे गृहिणियों का घरेलू बजट पूरी तरह प्रभावित हुआ है।
उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई के कारण फल, सब्जी, दालें और अन्य आवश्यक वस्तुएं भी आम आदमी की पहुंच से दूर होती जा रही हैं। पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने आम लोगों का जीवन मुश्किल बना दिया है।
औद्योगिक घरानों को लाभ पहुंचाने का आरोप
महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों से कुछ चुनिंदा औद्योगिक घरानों को फायदा पहुंचाया जा रहा है, जबकि आम जनता महंगाई की मार झेलने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि बढ़ती कीमतों का सीधा असर गरीब और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर पड़ रहा है।
आंदोलन की चेतावनी
ज्योति रौतेला ने कहा कि कांग्रेस पार्टी सरकार से मांग करती है कि रसोई गैस की कीमतों में तत्काल कमी की जाए और महंगाई पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द राहत नहीं देती है तो जनता के हितों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा।
इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष नजमा खान, महानगर अध्यक्ष उर्मिला थापा ढौंडियाल, उपाध्यक्ष चन्द्रकला नेगी, जिलाध्यक्ष पूनम सिंह तथा प्रदेश महासचिव अनुराधा तिवाड़ी सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
