श्री हेमकुंट साहिब गुरुद्वारा के कपाट शनिवार को श्रद्धालुओं के दर्शनों के लिए विधि-विधान और धार्मिक परंपराओं के साथ खोल दिए गए। कपाट खुलने के बाद दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर इस वर्ष की पहली अरदास की गई। पहले ही दिन साढ़े छह हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवर में स्नान कर गुरुद्वारे में मत्था टेका।
श्री हेमकुंट साहिब ट्रस्ट के चेयरमैन नरिंदर जीत सिंह बिंद्रा ने बताया कि कपाट खुलने की प्रक्रिया के तहत प्रातः 9 बजे पंज प्यारों की अगुवाई में श्री गुरु ग्रंथ साहिब को सचखंड से दरबार साहिब में सुशोभित किया गया। इसके बाद सुखमनी साहिब का पाठ और शबद कीर्तन आयोजित किया गया।
धार्मिक अनुष्ठानों के पूर्ण होने के बाद गुरुद्वारे के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। साल की पहली अरदास और हुक्मनामा लेने के साथ ही श्री हेमकुंट साहिब यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो गया।
उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित श्री हेमकुंट साहिब सिख श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। कपाट खुलने के साथ ही देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है।
