प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज उत्तराखण्ड के गढ़ी कैंट स्थित जसवंत सिंह आर्मी ग्राउंड में आयोजित एक भव्य समारोह में 210 किलोमीटर लंबे दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का रिमोट बटन दबाकर लोकार्पण किया। इससे पहले उन्होंने डाट काली मंदिर में पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया।
अपने संबोधन की शुरुआत प्रधानमंत्री ने देशवासियों को बैसाखी और बिहू की शुभकामनाएं देकर की। उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में चारधाम यात्रा शुरू होने जा रही है, और यह नया कॉरिडोर श्रद्धालुओं के लिए यात्रा को अधिक सुगम बनाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड अपने गठन के 26वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है और अब राज्य के विकास में यह एक्सप्रेस-वे एक महत्वपूर्ण कड़ी बनेगा। उन्होंने अपने पुराने कथन को दोहराते हुए कहा कि “इस शताब्दी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का होगा” और आज राज्य उसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि सरकार के निर्णय संविधान की गरिमा को सुदृढ़ करने वाले रहे हैं। उन्होंने धारा 370 के हटने और देश में समान अधिकार व्यवस्था लागू होने का उल्लेख किया। साथ ही उत्तराखण्ड द्वारा लागू समान नागरिक संहिता को देश के लिए एक मार्गदर्शक कदम बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर देश की “भाग्य रेखा” बन रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 के मुकाबले आज देश में इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश छह गुना बढ़कर 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। उत्तराखण्ड में ही सवा दो लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स पर कार्य जारी है, जिनमें चारधाम महामार्ग परियोजना, रेल और रोपवे शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि दिल्ली–देहरादून कॉरिडोर से यात्रा समय कम होगा, ईंधन की बचत होगी और किसानों को अपने उत्पाद बड़े बाजारों तक तेजी से पहुंचाने में मदद मिलेगी। इससे राज्य के पर्यटन क्षेत्र को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
प्रधानमंत्री ने उत्तराखण्ड में बढ़ते पर्यटन का जिक्र करते हुए बताया कि आदि कैलाश और ओम पर्वत जैसे स्थलों पर आने वाले पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने “विंटर टूरिज्म” और “वेड इन उत्तराखण्ड” जैसे अभियानों की सराहना की।
पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि इस कॉरिडोर में वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए 12 किमी लंबा एलिवेटेड रोड बनाया गया है। उन्होंने लोगों से देवभूमि की स्वच्छता बनाए रखने की अपील भी की।
प्रधानमंत्री ने आगामी कुंभ मेला और नंदा देवी राजजात का उल्लेख करते हुए राज्य की सांस्कृतिक विरासत को सराहा।
महिला सशक्तिकरण पर बोलते हुए उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का जिक्र किया, जिसके तहत लोकसभा और विधानसभाओं में 33% आरक्षण सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से इस दिशा में सहयोग की अपील की।
अंत में प्रधानमंत्री ने उत्तराखण्ड की सैन्य परंपरा को याद करते हुए जसवंत सिंह रावत के शौर्य को नमन किया और वन रैंक वन पेंशन योजना के माध्यम से पूर्व सैनिकों के सम्मान की बात कही।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार “देशभक्ति, देवभक्ति और प्रगति” को साथ लेकर विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
Uttarakhand: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का रिमोट बटन दबाकर की लोकार्पण, डाट काली मंदिर में पूजा-अर्चना कर लिया आशीर्वाद
