मोहब्बेवाला में चार लोगों की जान लेने वाले भीषण सड़क हादसे के बाद पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने दोनों कार्यदायी संस्थाओं पर सड़क निर्माण और यातायात सुरक्षा के इंतजामों में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। पुलिस के मुताबिक, बार-बार पत्राचार कर सड़क पर सुरक्षा के जरूरी इंतजाम करने की चेतावनी दी गई, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। पटेलनगर थाने में चार नवंबर की रात प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

मोहब्बेवाला में आई-20 कार (UK07FR-6780) और कंटेनर (NL-01AA-2485) के बीच हुई भीषण टक्कर में कार सवार चार लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, कार में मौजूद छह वर्षीय बच्चे को पुलिस ने सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया था। हादसे के बाद सड़क निर्माण और सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठे थे।

तीखे मोड़ और ढलान पर नहीं थे चेतावनी संकेत

आईएसबीटी चौकी प्रभारी जयवीर सिंह की तहरीर के मुताबिक, नवनिर्मित एनएच-72ए (दिल्ली-देहरादून-पांवटा मार्ग) पर यातायात सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। मार्ग पर जरूरी साइन बोर्ड, यातायात चिह्न, रिफ्लेक्टर और चेतावनी संकेतक नहीं लगाए गए हैं। रात में रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था भी नहीं है। इसके अलावा सड़क का स्पष्ट चिह्नांकन नहीं किया गया है। मोहब्बेवाला के पास सड़क किनारे गड्ढे, अचानक आने वाले तीखे मोड़ और ढलान भी दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। इन खामियों के चलते वाहन चालकों को सड़क की स्थिति का सही अंदाजा नहीं मिल पाता।

पहले भी हो चुके हैं हादसे, पत्राचार के बाद भी नहीं सुधरे हालात

पुलिस की तहरीर में कहा गया है कि इस स्थान पर पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इनमें कई लोगों की जान जा चुकी है और कई घायल हुए हैं। पुलिस ने संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को कई बार पत्र भेजकर सड़क सुरक्षा के जरूरी इंतजाम करने को कहा था, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है कि इसके बावजूद असुरक्षित परिस्थितियों में निर्माण कार्य जारी रहा, जिससे आम लोगों की जान को खतरा बना हुआ है।

पटेलनगर थाने में एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी के खिलाफ बीएनएस की धारा 106(1), 125(ए), 125(बी) और 281 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक को सौंपी गई है। पुलिस हादसे के कारणों के साथ ही सड़क निर्माण और सुरक्षा मानकों में हुई कथित लापरवाही की भी जांच कर रही है।