देवभूमि की आस्था और संस्कृति का अद्भुत संगम मानी जाने वाली श्री नंदा देवी राजजात यात्रा की तैयारियां शुरू हो गयी है। इसी के चलते अध्ययन यात्रा शुक्रवार को अपने छठवें पड़ाव नारायणबगड़ के भगोती पहुँची। यहां ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ दल का गर्मजोशी से स्वागत किया।
इससे पूर्व बृहस्पतिवार को यात्रा का पांचवां पड़ाव कर्णप्रयाग के कोटी मंदिर में रहा, जहां भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। नंदा मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद महिलाओं ने नंदा के जागर और भजन गाकर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। स्वागत कार्यक्रम के उपरांत अध्ययन यात्रा भगोती पड़ाव के लिए रवाना हुई।
यह अध्ययन यात्रा वर्ष 2026 में प्रस्तावित श्री नंदा देवी राजजात महायात्रा की तैयारियों के मद्देनजर आयोजित की जा रही है। इसमें यात्रा मार्ग पर उपलब्ध सुविधाओं, दिक्कतों और सांस्कृतिक विरासत की स्थिति का आकलन किया जा रहा है।
अध्ययन यात्रा का संचालन पिक्सल यात्री-11 संस्था का पांच सदस्यीय दल कर रहा है, जो नौटी से होमकुंड और फिर वापसी नौटी तक पूरे पारंपरिक पैदल मार्ग पर यात्रा कर रहा है।
स्थानीय लोगों ने अध्ययन दल से अपेक्षा जताई कि आगामी महाकुंभ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँ और पारंपरिक संस्कृति एवं लोक कलाओं को भी प्रमुखता दी जाए।
