Uttarakhand: पंतनगर विवि के पूर्व छात्र सम्मेलन का शुभारंभ, कृषि नवाचार और अनुसंधान पर दिया गया जोर

पंतनगर पंडित गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय पूर्व छात्र सम्मेलन का शुक्रवार को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। कार्यक्रम में कृषि अनुसंधान, नवाचार, आधुनिक तकनीक और किसानों के भविष्य को लेकर व्यापक चर्चा हुई।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय भारतीय कृषि के इतिहास का गौरवशाली केंद्र रहा है, जिसने देश को वैज्ञानिक, नीति-निर्माता, कृषि उद्यमी और उत्कृष्ट मानव संसाधन प्रदान कर कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने पंतनगर विश्वविद्यालय को परंपरा, आधुनिकता और अनुसंधान का त्रिवेणी संगम बताते हुए कहा कि भारत आज लगभग 377 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन कर रहा है। देश के अन्न भंडार पूरी तरह भरे हुए हैं और चावल उत्पादन में भारत चीन को पीछे छोड़कर विश्व में प्रथम स्थान पर पहुंच चुका है। वहीं गेहूं और बासमती चावल की वैश्विक मांग लगातार बढ़ रही है, जिसमें पंतनगर विश्वविद्यालय का योगदान महत्वपूर्ण रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, गिरता भूजल स्तर, मिट्टी की गुणवत्ता में कमी और रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार ही सबसे प्रभावी समाधान हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि पंतनगर विश्वविद्यालय के विद्यार्थी भविष्य में देश और दुनिया में भारत का नाम रोशन करेंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में पारंपरिक फसलों के संरक्षण, फल एवं विविध कृषि उत्पादों के उत्पादन को बढ़ावा देने और कृषि से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए पूर्व छात्रों एवं विशेषज्ञों की समिति गठित करने का सुझाव दिया। उन्होंने पूर्व छात्रों से राज्य के विकास, अनुसंधान, नवाचार, स्टार्टअप और युवाओं के मार्गदर्शन में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि भारत की हरित क्रांति का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। उन्होंने “ब्रेन 3.0” को ज्ञान, अनुभव, नवाचार और भविष्य की संभावनाओं को जोड़ने वाला प्रभावी मंच बताया। उन्होंने पूर्व छात्रों से युवाओं के लिए मेंटरशिप कार्यक्रम चलाने, अनुसंधान में सहयोग देने और शिक्षा तथा उद्योगों के बीच मजबूत सेतु बनने की अपील की।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), ड्रोन तकनीक, डेटा एनालिटिक्स, जैव प्रौद्योगिकी और डिजिटल कृषि का युग है। इन क्षेत्रों में हो रहे बदलावों के अनुरूप विश्वविद्यालयों और पूर्व छात्रों को भी अपनी भूमिका और अधिक प्रभावी बनानी होगी। साथ ही उन्होंने पर्वतीय कृषि की चुनौतियों जैसे छोटे खेत, जंगली जानवरों से फसलों को नुकसान, युवाओं का पलायन, सीमित बाजार और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंतनगर संग्रहालय एवं स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया, कृषि विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों से संवाद किया तथा उनके साथ धान की रोपाई में भी भाग लिया। केंद्रीय मंत्री ने विश्वविद्यालय परिसर में पौधरोपण भी किया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने पंतनगर विश्वविद्यालय को हेरिटेज विश्वविद्यालय घोषित किए जाने का अनुरोध किया। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस. के. कश्यप ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में सांसद अजय भट्ट, विधायक शिव अरोरा, त्रिलोक सिंह चीमा, बंशीधर भगत सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और पूर्व छात्र उपस्थित रहे।

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