कर्णप्रयाग में सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच हुए विवाद एवं मारपीट के मामले में उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय ने बड़ा फैसला लिया है। निष्पक्ष, पारदर्शी और स्वतंत्र जांच सुनिश्चित करने के लिए मामले से जुड़े दोनों मुकदमों की विवेचना चमोली से हरिद्वार स्थानांतरित कर दी गई है। वहीं, सिख श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय पुलिस के कथित व्यवहार की जांच डीआईजी यशवंत सिंह को सौंपी गई है।
गौरतलब है कि 16 जून 2026 को जनपद चमोली के कर्णप्रयाग में सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय व्यक्तियों के बीच विवाद के बाद मारपीट की घटना हुई थी। इस मामले में सिख श्रद्धालुओं के विरुद्ध थाना कर्णप्रयाग में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद घटना में घायल सिख श्रद्धालु के पिता की शिकायत पर 20 जून 2026 को अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भी थाना कर्णप्रयाग में एफआईआर दर्ज की गई।
आईजी गढ़वाल रेंज राजीव स्वरूप की संस्तुति पर पुलिस मुख्यालय ने दोनों मामलों की जांच हरिद्वार जनपद को स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है। अब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार नवनीत सिंह भुल्लर के पर्यवेक्षण में विवेचना की जाएगी।
इसके अलावा विभिन्न सिख संगठनों द्वारा स्थानीय पुलिस के आचरण और व्यवहार को लेकर लगाए गए आरोपों की जांच डीआईजी यशवंत सिंह करेंगे। उन्हें दो सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
आईजी राजीव स्वरूप ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस सभी समुदायों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करती है और हर मामले में कानून के अनुसार निष्पक्ष एवं न्यायसंगत कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हेमकुंट साहिब यात्रा श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी अत्यंत पवित्र यात्रा है, जिसे पुलिस और प्रशासन के समन्वित प्रयासों से सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया जा रहा है। यात्रा के दौरान प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा, सम्मान और सुविधा सुनिश्चित करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
