श्री बद्रीनाथ धाम यात्रा की तैयारियों के बीच भगवान बदरी विशाल के तेल कलश गाडू घड़ा की द्वितीय चरण की यात्रा आज विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शुभारंभ हो गई। यह पवित्र यात्रा डिमरी पुजारी समुदाय के मूल ग्राम डिम्मर स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर से विशेष पूजा-अर्चना और बाल भोग के उपरांत प्रारंभ हुई।
धार्मिक परंपराओं के अनुसार गाडू घड़ा यात्रा विभिन्न पड़ावों से होकर बद्रीनाथ धाम की ओर अग्रसर होगी। यात्रा मार्ग में उमट्ठा, पाखी, रविग्राम, लंगासू, चमोली, बिरही और पीपलकोटी जैसे प्रमुख स्थान शामिल हैं, जहां श्रद्धालु गाडू घड़ा के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।
आज गाडू घड़ा का रात्रि प्रवास ज्योतिर्मठ स्थित नृसिंह मंदिर में रहेगा, जहां विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। यात्रा के दौरान पूरे क्षेत्र में भक्ति और आस्था का माहौल बना हुआ है तथा श्रद्धालु बड़ी संख्या में इस पवित्र यात्रा के साक्षी बन रहे हैं।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 22 अप्रैल को गाडू घड़ा श्री बद्रीनाथ धाम पहुंचेगा। इसके उपरांत 23 अप्रैल को कपाट उद्घाटन के साथ ही इस पवित्र तेल कलश को विधिवत मंदिर के गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा।
गौरतलब है कि गाडू घड़ा परंपरा बद्रीनाथ धाम की धार्मिक आस्थाओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो सदियों से चली आ रही परंपरा को दर्शाती है। इसके साथ ही चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह और श्रद्धा का वातावरण लगातार बढ़ता जा रहा है।
