उत्तराखंड में रबी विपणन सत्र 2026 का शुभारंभ 1 अप्रैल से हो चुका है। आयुक्त/सचिव, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग आनन्द स्वरूप ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में गेहूं खरीद को लेकर व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं।
उन्होंने बताया कि गढ़वाल संभाग में 45 और कुमाऊं संभाग में 123 क्रय केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां किसान अपनी उपज आसानी से बेच सकते हैं। भारत सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 प्रति कुंतल रुपये निर्धारित किया गया है, जिससे किसानों में अपनी उपज बेचने के प्रति उत्साह बढ़ा है।
सचिव ने बताया कि अब तक स्मार्ट पीडीएस पोर्टल पर 1597 किसानों ने पंजीकरण कराया है और 5852 कुंतल गेहूं की खरीद की जा चुकी है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने बताया कि पहले केंद्र सरकार द्वारा उत्तराखंड के लिए गेहूं खरीद का लक्ष्य 10 हजार कुंतल निर्धारित किया गया था, जिससे किसानों में असंतोष था। राज्य सरकार के अनुरोध पर अब इस लक्ष्य को बढ़ाकर 5 लाख कुंतल कर दिया गया है, जिससे अधिक से अधिक किसानों को लाभ मिलेगा।
आनन्द स्वरूप ने राज्य के किसानों से अपील की है कि वे अपनी गेहूं की फसल को नजदीकी राजकीय क्रय केंद्रों पर बेचकर न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ उठाएं और सरकारी योजनाओं का अधिकतम फायदा लें।
