आगामी चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम और निर्बाध बनाने के उद्देश्य से अपर पुलिस महानिदेशक (प्रशासन) ए.पी. अंशुमान ने चमोली दौरे के दूसरे दिन व्यापक स्तर पर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने ज्योतिर्मठ से लेकर श्री बद्रीनाथ धाम और माणा तक सुरक्षा, यातायात और यात्री सुविधाओं का गहन निरीक्षण किया।
दौरे की शुरुआत नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ में पूजा-अर्चना से हुई, जहां बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने उनका स्वागत किया। यहां उन्होंने शंकराचार्य की डोली और गरुड़ भगवान की मूर्ति के पारंपरिक यात्रा मार्ग की जानकारी भी ली।
इसके बाद एडीजी ने कोतवाली ज्योतिर्मठ का औचक निरीक्षण किया और पुलिसिंग व्यवस्थाओं का मूल्यांकन किया। उन्होंने साफ-सफाई और अभिलेखों के रखरखाव पर संतोष जताते हुए लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण और फरियादियों के साथ सौम्य व्यवहार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि “साफ वर्दी और विनम्र व्यवहार ही पुलिस की सकारात्मक छवि बनाता है।”
एडीजी ए.पी. अंशुमान ने एसपी चमोली सुरजीत सिंह पँवार के साथ ज्योतिर्मठ से बद्रीनाथ धाम तक स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान पांडुकेश्वर, हनुमानचट्टी और अन्य संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।
बद्रीनाथ धाम पहुंचकर उन्होंने मास्टर प्लान के तहत चल रहे निर्माण कार्यों, भीड़ प्रबंधन प्रणाली और सीसीटीवी कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। साथ ही कोतवाली बद्रीनाथ में पुलिस जवानों से संवाद कर उनका मनोबल बढ़ाया और श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बीआरओ गेस्टहाउस में आयोजित बैठक में होटल एसोसिएशन, व्यापार मंडल, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के साथ विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान गैस और ईंधन आपूर्ति, पार्किंग की कमी और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जाम की समस्या जैसे मुद्दे उठाए गए। रात्रि में यात्रा संचालन को सीमित करने का सुझाव भी सामने आया, जिस पर एडीजी ने गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया।
यात्री सुविधाओं के तहत बद्रीनाथ और माणा क्षेत्र में पार्किंग स्थलों का निरीक्षण कर बेहतर प्रबंधन के निर्देश दिए गए। इसके बाद एडीजी ने गोविंदघाट स्थित गुरुद्वारे में मत्था टेककर आशीर्वाद लिया और हेमकुंड साहिब यात्रा की तैयारियों को लेकर ट्रस्ट प्रबंधन से चर्चा की।
दौरे के अंत में ज्योतिर्मठ में व्यापार संघ, टैक्सी यूनियन और होटल व्यवसायियों के साथ बैठक कर यात्रा व्यवस्थाओं पर व्यापक मंथन किया गया। एडीजी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ समस्याओं का त्वरित और व्यवहारिक समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
