आगामी चारधाम यात्रा के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ गहन समीक्षा बैठक की। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने और तीर्थयात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।
स्वास्थ्य मंत्री ने निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा मार्गों पर स्थापित स्वास्थ्य परीक्षण केंद्रों का निरीक्षण कर उन्हें सभी आवश्यक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाए। साथ ही इन केंद्रों पर तैनात एम्बुलेंस की फिटनेस जांच भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चारधाम कंट्रोल रूम में ईसीजी की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पोर्टेबल मशीनों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा कि इस यात्रा सीजन से श्री बद्रीनाथ और श्री केदारनाथ धाम स्थित अस्पतालों का संचालन शुरू किया जाएगा। उन्होंने स्वास्थ्य जांच केंद्रों की संख्या बढ़ाने और सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को अलर्ट मोड पर कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिलेवार स्वास्थ्य उपकरणों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने साफ-सफाई के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी देते हुए कहा कि कमी पाए जाने पर संबंधित सीएमओ की जवाबदेही तय की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों को ‘रेफरल अस्पताल’ की छवि से बाहर निकालना होगा। मरीजों को बेहतर और संपूर्ण उपचार उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मंत्री ने विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता पर जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि सभी चिकित्सक अपनी विशेषज्ञता के अनुसार जिम्मेदारी निभाएं और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण इलाज दें।
उन्होंने मशीनों के बेहतर उपयोग और सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग को रोकने के लिए कार्यप्रणाली में सुधार लाने पर भी जोर दिया। मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का मुख्य उद्देश्य मरीजों को संपूर्ण उपचार प्रदान करना है और इसमें किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए।
बैठक में सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सचिन कुर्वे, महानिदेशक सुनीता टम्टा, एमडी मनोज गोयल, निदेशक शिखा जंगपांगी सहित सभी जिलों के सीएमओ एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
