मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने प्रदेश में एलपीजी गैस की उपलब्धता को लेकर सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की। उन्होंने घरेलू एवं व्यावसायिक सिलेंडरों की मांग के अनुरूप समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने जनपदवार गैस आपूर्ति की अद्यतन स्थिति की जानकारी लेते हुए कहा कि प्रदेश के घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य आवश्यक सेवाओं को निर्बाध गैस आपूर्ति मिलनी चाहिए। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे एलपीजी स्टेट कोऑर्डिनेटर के साथ लगातार संपर्क में रहकर आपूर्ति को बढ़ाएं।
बैठक में उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों से अपग्रेड होकर शहरी श्रेणी में आए क्षेत्रों को तेल कंपनियों के सिस्टम में अपडेट करने के निर्देश भी दिए, ताकि वहां गैस आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा न आए।
मुख्य सचिव ने पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक संस्थानों को पीएनजी अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए, जिससे एलपीजी पर निर्भरता कम हो सके।
इसके अलावा उन्होंने गैस के वैकल्पिक स्रोत के रूप में पिरुल ब्रिकेट को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने बताया कि इससे एलपीजी की खपत कम होने के साथ ही चीड़ के जंगलों से पिरुल के निस्तारण में भी मदद मिलेगी।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव एल. फैन्नई, सचिव विनोद कुमार सुमन, आनन्द स्वरूप एवं डीजी यूकॉस्ट दुर्गेश पंत सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
