प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत विभिन्न चिकित्सा इकाइयों में वर्षों से रिक्त पड़े 1046 पर्यावरण मित्र एवं चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों के पदों पर शीघ्र भर्ती की जाएगी। इन पदों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से भरा जाएगा, जिसके लिए विभागीय अधिकारियों को भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दे दिए गए हैं। वहीं रुद्रप्रयाग, टिहरी, देहरादून और ऊधमसिंह नगर जनपदों में भर्ती प्रक्रिया शुरू भी कर दी गई है।
सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी बयान में कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के सुदृढ़ीकरण और विस्तार के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। अस्पतालों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ आधुनिक चिकित्सा उपकरण और पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही अस्पतालों की सफाई व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
डॉ. रावत ने बताया कि लंबे समय से रिक्त पड़े 1046 पदों में 680 चतुर्थ श्रेणी कार्मिक और 366 पर्यावरण मित्र के पद शामिल हैं। चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों में हरिद्वार में 89, नैनीताल में 196, पौड़ी में 40, चमोली में 131, उत्तरकाशी में 38, अल्मोड़ा में 31, बागेश्वर में 10, पिथौरागढ़ में 99, चंपावत में 25 और स्वास्थ्य महानिदेशालय में 21 पद शामिल हैं।
इसी तरह पर्यावरण मित्र के पदों में हरिद्वार में 21, नैनीताल में 136, पौड़ी में 37, चमोली में 43, उत्तरकाशी में 36, अल्मोड़ा में 16, बागेश्वर में 15, पिथौरागढ़ में 43, चंपावत में 15 तथा स्वास्थ्य महानिदेशालय में चार पद रिक्त हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी पदों को आउटसोर्स के माध्यम से भरा जाएगा। इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि आउटसोर्स कंपनी का चयन शीघ्र कर भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाए, ताकि युवाओं को जल्द रोजगार मिल सके और अस्पतालों में सेवाएं सुचारु रूप से संचालित हो सकें। उन्होंने बताया कि कुछ जनपदों में भर्ती प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है और शेष जिलों में भी जल्द इसे अमल में लाया जाएगा।
