उत्तराखंड सरकार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ियों को बेहतर अवसर देने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। प्रदेश की खेल मंत्री रेखा आर्या ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वर्ष 2025 के राष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी देने का प्रस्ताव आगामी कैबिनेट बैठक में प्रस्तुत किया जाए। साथ ही लेगेसी योजना के तहत संचालित 23 अस्थायी खेल अकादमियों को स्थायी बनाने, खेल विश्वविद्यालय की तैयारियों में तेजी लाने और नई खेल नीति तैयार करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

विधानसभा स्थित कार्यालय कक्ष में खेल विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि वर्ष 2025 के राष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न नियुक्ति देने के लिए प्रस्ताव शीघ्र तैयार किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लेगेसी योजना के तहत संचालित 23 अस्थायी खेल अकादमियों के स्थायी संचालन के लिए आवश्यक पद सृजित करने संबंधी प्रस्ताव भी तैयार किया जाए।

मंत्री ने बताया कि लगभग 243 राष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों को लेगेसी योजना के अंतर्गत खेल अकादमियों, खेल विश्वविद्यालय और अन्य विभागों में आउट ऑफ टर्न नियुक्ति के माध्यम से समायोजित करने की योजना बनाई जा रही है। इसके अलावा जो खिलाड़ी वर्तमान में अन्य विभागों में आउट ऑफ टर्न सेवा दे रहे हैं, उन्हें मूल विभाग में प्रतिनियुक्ति (डेप्यूटेशन) के आधार पर तैनात करने संबंधी प्रस्ताव भी तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में खेल विश्वविद्यालय की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने बताया कि 29 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर गौलापार में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खेल विश्वविद्यालय का शिलान्यास करेंगे। इसके लिए सभी निर्माण एवं प्रशासनिक तैयारियों को निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को देश की अग्रणी खेल भूमि के रूप में स्थापित करना है।

रेखा आर्या ने नई खेल नीति पर भी विस्तार से चर्चा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि इसे भारत सरकार की खेल नीति के अनुरूप तैयार किया जाए। नई नीति में पारंपरिक खेलों के संरक्षण और प्रोत्साहन के साथ-साथ पैरा एथलीटों एवं बौने खिलाड़ियों के लिए भी समुचित प्रावधान शामिल किए जाएं। उन्होंने कहा कि नई खेल नीति तैयार करने से पहले खिलाड़ियों और आम जनता से सुझाव भी आमंत्रित किए जाएंगे तथा बेहतर सुझाव देने वालों को सम्मानित कर उनकी अनुशंसाओं को नीति का हिस्सा बनाया जाएगा।

बैठक में विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, निदेशक खेल दीप्ति सिंह, महाराणा प्रताप खेल परिसर के प्रिंसिपल राजेश ममर्गाईं, संयुक्त निदेशक खेल अजय अग्रवाल सहित विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।