आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की तैयारियों को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न दलों के पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान बूथ लेवल एजेंट्स (बीएलए) की नियुक्ति को लेकर विस्तृत चर्चा की गई और चुनावी प्रक्रिया को मजबूत बनाने के लिए सभी दलों को 31 दिसंबर तक 100 प्रतिशत बीएलए तैनात करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. पुरुषोत्तम ने कहा कि स्वच्छ और पारदर्शी निर्वाचन प्रक्रिया में मतदाताओं के साथ राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए प्रत्येक मतदान केंद्र पर बीएलए की नियुक्ति जरूरी है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के 11,733 मतदान केंद्रों की तुलना में मात्र 4,155 बीएलए ही नियुक्त किए गए हैं, जो लक्ष्य से काफी कम है। इस कारण सभी दलों को बिना विलंब 31 दिसंबर तक अपनी-अपनी बीएलए की सूची पूर्ण करने की अपील की गई।
डॉ. पुरुषोत्तम ने बताया कि प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्री-एसआईआर चरण में 40 वर्ष तक की आयु के ऐसे मतदाताओं की पहचान की जाएगी, जिनके नाम 2003 की मतदाता सूची में दर्ज थे। इन मतदाताओं की सीधे बीएलओ ऐप के माध्यम से मैपिंग होगी।
इसी प्रकार 40 वर्ष से कम आयु के वे मतदाता जिनका नाम किसी कारणवश 2003 की सूची में उपलब्ध नहीं है, उनके माता-पिता या दादा-दादी के नाम के आधार पर ‘प्रोजनी’ श्रेणी में मैपिंग की जाएगी।
वर्ष 2003 की मतदाता सूची www.ceo.uk.gov.in तथा www.voters.eci.gov.in पर उपलब्ध है।
बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चंद्रा, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास, स्वीप नोडल विनय कुमार सहित विभिन्न दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इनमें कांग्रेस से मनोज रावत और अमेंद्र बिष्ट, माकपा से अनंत आकाश, बसपा से दिग्विजय सिंह और प्रमोद कुमार गौतम, भाजपा से कुंदन परिहार और राजकुमार पुरोहित तथा आम आदमी पार्टी से जसवीर सिंह शामिल रहे।
