हिंदू देवी-देवताओं का वेश धारण कर भीख मांगने, मंचों पर नृत्य करने या इस रूप में अन्य आपत्तिजनक गतिविधियां करने वालों के खिलाफ अब कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रविंद्रपुरी ने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि नवरात्र से इस मुहिम की शुरुआत की जाएगी।
श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने कहा कि सनातन अब चुप नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि हिंदू देवी-देवताओं का रूप धारण कर कुछ लोग बाजारों में भीख मांग रहे हैं और मंचों पर नृत्य कर रहे हैं। कई मामलों में इस वेश में नशे का सेवन भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां अब बर्दाश्त से बाहर हैं।
उन्होंने कहा कि दूसरे धर्मों में इस तरह का स्वांग रचने की किसी की हिम्मत नहीं होती, लेकिन सनातन धर्म सभी के लिए सहज बना हुआ है। इसका अनुचित लाभ उठाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देवी-देवताओं का स्वरूप धारण कर धार्मिक आस्था का अपमान करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अखाड़ा परिषद अध्यक्ष ने कहा कि आगामी कुंभ में अखाड़ों, संतों और सनातन धर्म की ध्वजा-पताका फहराने वालों के साथ इस विषय पर गंभीर चिंतन भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सनातन की मर्यादा और धार्मिक भावनाओं के सम्मान को बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
