प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बदरीनाथ धाम और राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की चोरी के आरोपों को गंभीर बताते हुए कहा कि यह केवल धन की चोरी का मामला नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास से खिलवाड़ है। उन्होंने इन मामलों की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई जनता के सामने लाने की मांग की। गोदियाल ने कहा कि भाजपा धर्म और धार्मिक आस्थाओं की सबसे बड़ी हितैषी होने का दावा करती है, लेकिन उसके शासन में मंदिरों में चढ़ाया गया धन भी सुरक्षित नहीं है।
उत्तराखंड न्याय यात्रा के तहत प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल और विधायकों विक्रम सिंह नेगी व लखपत बुटोला के नेतृत्व में गुरुवार को बदरीनाथ धाम, जोशीमठ, पीपलकोटी और चमोली में पदयात्राएं निकाली गईं। बदरीनाथ धाम से यात्रा का शुभारंभ करते हुए गोदियाल ने कहा कि मंदिरों में श्रद्धालुओं की ओर से अर्पित धन और बहुमूल्य वस्तुएं उनकी आस्था की अमानत हैं। इनकी सुरक्षा और पारदर्शी प्रबंधन सुनिश्चित करना मंदिर प्रबंधन और सरकार की जिम्मेदारी है। किसी भी स्तर पर अनियमितता, लापरवाही या मिलीभगत हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
गोदियाल ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर जनसमस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि उत्तराखंड में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति चिंताजनक है। पर्वतीय क्षेत्रों में सरकारी स्कूलों और अस्पतालों की बदहाली के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में मरीजों को उपचार के लिए दूर-दराज के शहरों में जाना पड़ता है। वहीं, जंगली जानवरों के बढ़ते हमलों से ग्रामीणों का जीवन संकट में है, लेकिन सरकार समस्या के स्थायी समाधान के लिए गंभीर नहीं दिख रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के जल, जंगल और जमीन की रक्षा करने में भी सरकार विफल रही है। प्राकृतिक संसाधनों पर बाहरी और प्रभावशाली लोगों के बढ़ते प्रभाव तथा भू-माफिया की गतिविधियों से जनता चिंतित है। कांग्रेस राज्य के मूल निवासियों के अधिकारों, किसानों के हितों, युवाओं के रोजगार और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी।
गोदियाल ने कहा कि उत्तराखंड न्याय यात्रा केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पीड़ित, उपेक्षित और अधिकारों से वंचित लोगों को न्याय दिलाने का जनआंदोलन है। इसके माध्यम से गांव-गांव और शहर-शहर पहुंचकर बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार, महिला उत्पीड़न और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों को उठाया जाएगा।
यात्रा में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ हजारों कार्यकर्ताओं और आम लोगों ने भाग लिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करने का ऐलान किया।

