विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत माध्यमिक शिक्षकों की वरिष्ठता प्रकरण को लेकर उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए तीन दिन के भीतर वरिष्ठता सूची न्यायालय को सौंप दी जायेगी। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अपने शासकीय आवास पर इस संबंध में समीक्षा बैठक ली। बैठक में निर्णय लिया गया कि माध्यमिक शिक्षा के लगभग 3300 शिक्षकों की वरिष्ठता सूची आगामी 23 सितम्बर से पूर्व न्यायालय में प्रस्तुत कर दी जाएगी।
इसके अलावा, विभाग में लम्बित पदोन्नति के प्रकरणों पर भी शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिये गये। मंत्री ने कहा कि रिक्त पदों के सापेक्ष शीघ्र डीपीसी (विभागीय पदोन्नति समिति) कर पदोन्नति दी जाएगी।
स्थानांतरण प्रस्ताव एक सप्ताह में
बैठक में धारा-27 के तहत शिक्षकों के स्थानांतरण हेतु एक सप्ताह में प्रस्ताव आमंत्रित करने का भी निर्णय लिया गया। इसमें शामिल हैं:
- गंभीर रोग से ग्रसित शिक्षक और कार्मिक एवं उनके परिवारजन
- दिव्यांग शिक्षक और कार्मिक एवं उनके परिजन
- विधवा, विधुर, तलाकशुदा, परित्यक्त
- सैनिक व अर्द्धसैनिक बलों में कार्यरत शिक्षकों के पति और पत्नी
शैक्षणिक व्यवस्था और आपदा कार्यों की समीक्षा
डॉ. रावत ने डायट एवं आवासीय विद्यालयों में शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था सुदृढ़ करने हेतु निकटतम विकासखंड और जनपद के अधिकारियों को प्राचार्यों के रिक्त पदों का अतिरिक्त प्रभार देने के निर्देश दिये।
इसके साथ ही आपदा प्रभावित विद्यालयों के मरम्मत एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा भी की गई। मंत्री ने कहा कि स्वीकृत राशि का समय पर उपयोग सुनिश्चित किया जाए, और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
बैठक में मौजूद अधिकारी
बैठक में अपर सचिव विद्यालयी शिक्षा रंजना राजगुरू, एम.एम. सेमवाल, उप सचिव अनिल कुमार पाण्डेय, निदेशक एससीईआरटी वंदना गर्ब्याल, निदेशक प्राथमिक अजय नौडियाल, निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. मुकुल सती, अपर निदेशक पदमेन्द्र सकलानी, अनु सचिव विकास श्रीवास्तव, प्रेम सिंह राणा सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
