हरिद्वार पुलिस ने एक चुनौतीपूर्ण ब्लाइंड मर्डर केस का सफल खुलासा करते हुए 25 दिनों की गहन जांच के बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अज्ञात महिला की हत्या के मामले में मृतका और हत्यारों दोनों की पहचान शुरू में अज्ञात थी, लेकिन पुलिस की तकनीकी जांच और लगातार प्रयासों से पूरे मामले का खुलासा हो गया।
एसएसपी नवनीत सिंह ने पत्रकार वार्ता में दी जानकारी
पत्रकार वार्ता में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने वैज्ञानिक और तकनीकी तरीकों का सहारा लेते हुए जांच को आगे बढ़ाया। शुरुआती दौर में मृतका की पहचान न होना पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती थी।
घटनास्थल की परिस्थितियों ने बढ़ाया संदेह
घटनास्थल का निरीक्षण करने पहुंचे एसएसपी हरिद्वार और अन्य अधिकारियों ने संदिग्ध परिस्थितियों को देखते हुए मामले में पुलिस को स्वयं वादी बनाकर जांच शुरू कराई। इसके बाद विभिन्न टीमों का गठन कर साक्ष्य जुटाने का अभियान चलाया गया।
700 किलोमीटर दूर बांदा तक पहुंची जांच
हत्यारों की तलाश में हरिद्वार पुलिस की टीम उत्तर प्रदेश के बांदा जनपद तक पहुंची। करीब 700 किलोमीटर दूर जाकर पुलिस ने महत्वपूर्ण सुराग जुटाए और संदिग्धों की गतिविधियों का पता लगाया।
प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजह
पुलिस जांच में सामने आया कि महिला और मुख्य आरोपी के बीच प्रेम प्रसंग था। महिला द्वारा विवाह का दबाव बनाए जाने पर आरोपी ने अपने भाई और जीजा के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। इसके बाद महिला को चंडी देवी मंदिर के दर्शन कराने का झांसा देकर हरिद्वार लाया गया और सुनियोजित तरीके से हत्या को अंजाम दिया गया।
गला घोंटकर की गई थी हत्या
जांच में पता चला कि आरोपियों ने महिला की गला घोंटकर हत्या की थी। शव काफी पुराना होने के कारण उसकी पहचान स्थापित करना भी पुलिस के लिए बेहद कठिन कार्य था। बावजूद इसके पुलिस ने तकनीकी और पारंपरिक जांच के संयोजन से मामले की कड़ियां जोड़ लीं।
600 घंटे से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाली
मामले के खुलासे के लिए पुलिस ने 600 घंटे से अधिक सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया। इसके अलावा लाखों मोबाइल नंबरों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और एसआईआर डाटा का गहन अध्ययन कर संदिग्धों तक पहुंचने में सफलता हासिल की गई।
तीन आरोपी गिरफ्तार, हत्या का खुलासा
लगातार 25 दिनों तक चले मैराथन अभियान के बाद पुलिस ने हत्या में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपराध में अपनी भूमिका स्वीकार की, जिसके बाद पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ।
टीमवर्क और तकनीकी विवेचना की सराहना
एसएसपी नवनीत सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी विवेचना, सूक्ष्म जांच और बेहतर समन्वय का परिचय दिया। मामले के सफल अनावरण को हरिद्वार पुलिस की पेशेवर कार्यशैली और दक्षता का उदाहरण माना जा रहा है।
पुलिस टीम को पुरस्कार की घोषणा
उत्कृष्ट कार्य के लिए गढ़वाल परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक ने पुलिस टीम को 5,000 रुपये तथा एसएसपी हरिद्वार ने 2,500 रुपये के पुरस्कार की घोषणा की है। अधिकारियों ने इस सफलता को टीमवर्क, धैर्य और आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग का परिणाम बताया।
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