उत्तराखंड सरकार ने पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों के सामाजिक, शैक्षिक एवं स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखंड भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के तहत श्रमिकों के लिए कई नई कल्याणकारी योजनाओं का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत श्रमिकों को घर-घर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए दो मेडिकल मोबाइल वैन को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों के सर्वांगीण कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि शुरू की गई नई योजनाएं श्रमिकों और उनके परिवारों के जीवन स्तर में सुधार लाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगी। मुख्यमंत्री पोषण योजना के तहत श्रमिक परिवारों को पोषण सहायता प्रदान की जाएगी, जबकि मुख्यमंत्री शिक्षा सामग्री योजना के माध्यम से श्रमिकों के बच्चों को अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान से प्रेरित होकर शुरू किए गए मुख्यमंत्री स्वच्छता सामग्री वितरण कार्यक्रम के तहत श्रमिक परिवारों को हाइजीन किट वितरित किए जाएंगे, जिससे स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिक परिवारों के बच्चों को रोजगारपरक कौशल से जोड़ने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योग एवं वेलनेस आरोग्य योजना शुरू की गई है। इसके तहत पात्र छात्र-छात्राओं को योग एवं वेलनेस के क्षेत्र में निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रतिवर्ष 210 बच्चों को प्रशिक्षण का लाभ मिलेगा, जबकि तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे 70 युवाओं को प्रशिक्षण पूरा होने के बाद रोजगार से जोड़ने की भी व्यवस्था की गई है।
स्वास्थ्य सुविधाओं को श्रमिकों तक पहुंचाने के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री श्रमिक स्वास्थ्य परीक्षण योजना के तहत मेडिकल मोबाइल वैन दूरस्थ क्षेत्रों में जाकर श्रमिकों के कार्यस्थल और आवास स्थल पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएंगी।
इन वैन में एक्स-रे, ईसीजी सहित 44 प्रकार की जांचें निःशुल्क होंगी। साथ ही टेली-कंसल्टेशन के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह और जांच के बाद तीन महीने तक नियमित स्वास्थ्य निगरानी की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इस योजना की शुरुआत पौड़ी गढ़वाल और चंपावत से की गई है, जिसे चरणबद्ध तरीके से पूरे राज्य में लागू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों को केवल श्रमशक्ति नहीं, बल्कि उत्तराखंड की विकासशक्ति मानती है। उन्होंने बताया कि सरकार श्रमिकों को औजार, साइकिल और सिलाई मशीन उपलब्ध कराने के साथ ही घर बनाने या खरीदने के लिए आर्थिक सहायता तथा वृद्ध निर्माण श्रमिकों को मासिक पेंशन जैसी योजनाओं के माध्यम से आर्थिक सुरक्षा भी प्रदान कर रही है।
कार्यक्रम में उत्तराखंड भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के सचिव पी.सी. दुम्का ने बोर्ड की विभिन्न गतिविधियों और नई योजनाओं की जानकारी दी।
इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, दुर्गेश्वर लाल, राज्य सलाहकार संविदा बोर्ड के अध्यक्ष कैलाश पंत, सतर्कता समिति की अध्यक्ष गीता रावत, उपाध्यक्ष मोहनी पोखरिया, मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविंद सिंह तथा अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
