प्रदेश में बिना मान्यता और निर्धारित शैक्षणिक मानकों का पालन किए संचालित हो रहे मदरसों के खिलाफ राज्य सरकार की कार्रवाई जारी है। देहरादून और हल्द्वानी में पांच बिना मान्यता संचालित मदरसों को सील कर दिया गया। वहीं, प्रदेश में अब तक 17 मदरसों को सील किया जा चुका है, जबकि तीन के प्रबंधकों ने संचालन बंद करने की लिखित सूचना दी है। इस तरह अब तक 20 बिना मान्यता संचालित मदरसों का संचालन बंद कराया गया है।

अल्पसंख्यक मामलों के सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते ने बताया कि देहरादून में तीन मदरसों के खिलाफ कार्रवाई की गई। आजाद कॉलोनी स्थित मदरसा जामिया-तुस-सलाम अल-इस्लामिया को सील किया गया। वहीं, आजाद कॉलोनी, माजरा स्थित मदरसा दार-ए-अरकम और मदरसा दारूल उलूम रहीमिया के प्रबंधकों ने संचालन बंद करने की लिखित अंडरटेकिंग दी है।

हल्द्वानी में दो मदरसे सील

नैनीताल जिले के हल्द्वानी में भी बिना मान्यता संचालित दो मदरसों पर कार्रवाई की गई। शनि बाजार रोड, गौजाजाली उत्तर स्थित मदरसा जामिया नूरिया बरकाते आमिना और इंदिरा नगर, बनभूलपुरा स्थित बिना मान्यता संचालित मदरसे को सील किया गया। नगर मजिस्ट्रेट एबी वाजपेयी ने बताया कि संबंधित प्रबंधकों से मान्यता से जुड़े आवश्यक अभिलेख मांगे गए थे। निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई की गई।

नियमों से समझौता नहीं : धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में किसी भी शिक्षण संस्थान का संचालन निर्धारित नियमों और मान्यता के बिना नहीं होने दिया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों में आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के साथ निर्धारित शैक्षणिक मानकों का अनुपालन कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के भविष्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।