नेपाल में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए गायत्री तीर्थ शांतिकुंज की आपदा राहत टीम मैदान में जुटी है। काठमांडू और विदुर के राहत शिविरों से रोजाना करीब एक हजार प्रभावित लोगों के लिए भोजन समेत जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। 100 से अधिक स्वयंसेवक दिन-रात सेवा कार्य में जुटे हैं।

अखिल विश्व गायत्री परिवार की टीम प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर जरूरतमंद परिवारों को दैनिक उपयोग की आवश्यक सामग्री उपलब्ध करा रही है। राहत सामग्री देने के साथ कार्यकर्ता पीड़ित परिवारों को संकट की इस घड़ी में साथ खड़े रहने का भरोसा भी दे रहे हैं।

शांतिकुंज मीडिया विभाग के अनुसार, राहत दल का मुख्य बेस कैंप काठमांडू में बनाया गया है। वहीं दूसरा कैंप विदुर के पीपलटार में स्थापित किया गया है। इन केंद्रों से प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री और भोजन पहुंचाया जा रहा है। नेपाल में गायत्री परिवार से जुड़े स्थानीय कार्यकर्ता भी राहत अभियान में सहयोग कर रहे हैं।

स्थानीय प्रशासन और सेना का सहयोग

राहत कार्यों में स्थानीय प्रशासन और सेना भी सहयोग कर रही है। इनके समन्वय से प्रभावित इलाकों तक राहत सामग्री और भोजन पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। टीम स्थानीय परिस्थितियों और जरूरतों का आकलन कर आगे की राहत योजना तैयार कर रही है।

राहत के साथ मानसिक संबल देना भी उद्देश्य

अखिल विश्व गायत्री परिवार की प्रमुख श्रद्धेया शैलजीजी और देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष डॉ. चिन्मय पंड्या राहत दल के संपर्क में हैं। डॉ. पंड्या ने कहा कि आपदा की घड़ी में पीड़ित मानवता के साथ खड़ा होना ही सच्ची मानवीय पहल है। राहत अभियान का उद्देश्य केवल सामग्री पहुंचाना नहीं, बल्कि संकट से जूझ रहे परिवारों को आत्मीयता और मानसिक संबल देना भी है।

शांतिकुंज परिवार परमपूज्य पं. श्रीराम शर्मा आचार्य और वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा के पीड़ित मानवता की सेवा ही सच्ची साधना के संदेश को आधार बनाकर नेपाल में सेवा कार्य जारी रखे हुए है।