उत्तराखंड में आयुष सेवाओं को सशक्त बनाने और राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत संचालित योजनाओं को गति देने के लिए प्रदेश सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। आयुष एवं आयुष शिक्षा मंत्री मदन कौशिक ने विधानसभा स्थित कार्यालय में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर योग अनुदेशकों का मानदेय 250 रुपये प्रति घंटा से बढ़ाकर 500 रुपये प्रति घंटा करने का प्रस्ताव जल्द तैयार कर केंद्र सरकार को भेजने के निर्देश दिए। इसके साथ ही आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सा संस्थानों के विस्तार, नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और लंबित निर्माण कार्यों में तेजी लाने के भी निर्देश दिए गए।

मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में कार्यरत योग अनुदेशकों को वर्तमान में 250 रुपये प्रति घंटा मानदेय दिया जा रहा है। इसे बढ़ाकर 500 रुपये प्रति घंटा किए जाने के लिए शीघ्र प्रस्ताव तैयार किया जाए, ताकि इसे केंद्र सरकार के समक्ष अनुमोदन के लिए भेजा जा सके।

बैठक में हरिद्वार जनपद के रुड़की स्थित एलोपैथिक विभाग के पुराने भवन को आयुष विभाग को हस्तांतरित कराने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश भी दिए गए। मंत्री ने कहा कि नए एलोपैथिक भवन के निर्माण के बाद पुराने भवन का उपयोग आयुष सेवाओं के विस्तार के लिए किया जाना चाहिए।

मदन कौशिक ने हरिद्वार स्थित ऋषिकुल और गुरुकुल आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेजों के उच्चीकरण के लिए राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत वित्तीय सहायता का प्रस्ताव तैयार करने को कहा। इसके अलावा प्रदेश के दो पर्वतीय जिलों में नए आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में भी आवश्यक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए।

उन्होंने पिरान कलियर में प्रस्तावित यूनानी चिकित्सालय के लिए वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज करने को कहा। राष्ट्रीय राजमार्ग की जद में आने के कारण पूर्व में चिह्नित भूमि पर निर्माण संभव नहीं हो पा रहा है। ऐसे में यदि स्थानीय स्तर पर भूमि दान उपलब्ध होती है तो उसकी औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर भवन निर्माण के लिए बजट प्रस्ताव तैयार किया जाए।

राष्ट्रीय आयुष मिशन के निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान मंत्री ने जाखनीधार स्थित 50 बेड के चिकित्सालय के पुनर्निर्माण कार्यों में अनियमितताओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जांच समिति गठित करने और आवश्यकता पड़ने पर कार्यदायी संस्था से धनराशि की वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने पीपलकोटी स्थित जर्जर आयुष्मान आरोग्य मंदिर भवन के स्टाफ को सुरक्षित भवन में स्थानांतरित करने के लिए संबंधित जिलाधिकारी से समन्वय स्थापित करने को भी कहा। साथ ही प्रदेश के सभी आयुर्वेद उत्कर्ष केंद्रों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि समय-समय पर उनका निरीक्षण किया जा सके।

आयुष मंत्री ने विभाग के अंतर्गत नियुक्त पंचकर्म सहायक, फार्मेसी अधिकारी और योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सहायकों को एक सप्ताह के भीतर नियुक्ति प्रमाण पत्र वितरित करने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा हाल ही में हड़ताल पर रहे कर्मचारी संघ की अधिकांश मांगों पर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।

बैठक में आयुष एवं आयुष शिक्षा विभाग की सचिव रंजना राजगुरु, संयुक्त सचिव महावीर सिंह, निदेशक आर.के. सिंह सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।