नववर्ष के अवसर पर उत्तराखंड परिवहन निगम के बेड़े में 100 नई बसें शामिल की गईं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने कैंप कार्यालय से इन बसों को फ्लैग ऑफ किया। इस दौरान उन्होंने 10 एसी और दो स्लीपर अनुबंधित बसों को भी जनता को समर्पित किया। मुख्यमंत्री ने परिवहन निगम की स्मारिका अनवरत और सड़क सुरक्षा पर आधारित कैलेंडर का विमोचन किया। साथ ही कठिन परिस्थितियों में कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी से कार्य करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित भी किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अत्याधुनिक तकनीक से लैस ये नई बसें राज्य के सार्वजनिक परिवहन तंत्र को मजबूत करेंगी। इससे यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती यात्रा का लाभ मिलेगा। साथ ही राज्य की आर्थिक, सामाजिक और पर्यटन गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि दुर्गम और पर्वतीय भौगोलिक परिस्थितियों वाले उत्तराखंड में सुदृढ़ परिवहन व्यवस्था नागरिक सुविधा के साथ-साथ आर्थिक विकास के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार परिवहन निगम को सशक्त बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। अब तक 13 से अधिक नए बस अड्डों और कार्यशालाओं का निर्माण पूरा किया जा चुका है, जबकि 14 अन्य स्थानों पर कार्य प्रगति पर है। इनमें चार आईएसबीटी भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में निगम के बेड़े में इलेक्ट्रिक बसों को भी शामिल किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि निगम की बसों में जीपीएस, सीसीटीवी कैमरे, ई-टिकटिंग, फ्लीट मॉनिटरिंग और समयबद्ध मेंटेनेंस जैसी आधुनिक सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। इससे यात्रियों के साथ-साथ कर्मचारियों की सुरक्षा भी और मजबूत होगी। सरकार ने निगम कर्मियों के हितों को ध्यान में रखते हुए महंगाई भत्ते में वृद्धि, सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों का क्रियान्वयन और नई भर्तियों के जरिए मैनपावर की कमी को दूर करने का कार्य किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार परिवहन निगम को सेवा का माध्यम मानते हुए इसे आधुनिक, आत्मनिर्भर और जनोन्मुखी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। पारदर्शी नीतियों और जवाबदेही के बल पर उत्तराखंड निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और सुबोध उनियाल, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजानदास, उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, परिवहन निगम की एमडी एवं अपर सचिव रीना जोशी सहित परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
