कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन ने गुरुवार को हरिद्वार में विभिन्न निर्माण स्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को सभी निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरे करने और गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि जिन परियोजनाओं की रफ्तार अपेक्षा के अनुरूप नहीं है, उनकी नियमित निगरानी कर बाधाओं का तत्काल समाधान कराया जाए।
मुख्य सचिव ने रोड़ी-बेलवाला से रोशनाबाद, कनखल, दक्षद्वीप, बैरागी कैंप और सीसीआर टावर तक पहुंचकर सड़क, घाट, पुल, फुटपाथ, भवन समेत विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लिया। उन्होंने मेले के दौरान श्रद्धालुओं के लिए प्रस्तावित सुविधाओं और व्यवस्थाओं को भी मौके पर परखा।
उन्होंने कहा कि कुंभ में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचेंगे। ऐसे में सड़क, पुल, पैदल मार्ग, पेयजल, स्वास्थ्य, पार्किंग और अन्य आधारभूत सुविधाओं का समय से तैयार होना जरूरी है। निर्माण के दौरान आमजन की सुविधा, यातायात और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखने को कहा।
हरकी पैड़ी पुनर्विकास में 66.77 करोड़ स्वीकृत
रोड़ी-बेलवाला क्षेत्र में यूआईआईडीबी की प्रशासनिक मार्ग परियोजना और रोड़ी-बेलवाला व हरकी पैड़ी पुनर्विकास कार्यों का निरीक्षण करते हुए मुख्य सचिव ने इन्हें तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। प्रशासनिक मार्ग के लिए 43.25 करोड़ और हरकी पैड़ी रिवाइटलाइजेशन के लिए 66.77 करोड़ रुपये स्वीकृत हैं। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के तहत विकसित परिसंपत्तियों के पांच वर्ष की अनुबंध अवधि पूरी होने के बाद स्थायी रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित विभाग या निकाय को सौंपने की व्यवस्था अभी से तय की जाए।
हाथीपुल से अलकनंदा के बीच घाटों के पुनर्निर्माण और सुधार कार्यों का जायजा लेते हुए उन्होंने मजबूत रेलिंग और चेन लगाने के साथ पैदल आवागमन सुगम बनाने के निर्देश दिए।
चौराहों और सड़कों का भी लिया जायजा
ऋषिकुल क्षेत्र में ओल्ड दिल्ली-नीतिपास मार्ग के नवीनीकरण कार्य का निरीक्षण करते हुए मुख्य सचिव ने यातायात व्यवस्था का ध्यान रखने और सड़क किनारे फुटपाथ व अन्य स्थानों पर पौधरोपण कर हरियाली विकसित करने को कहा। शहर की आंतरिक सड़कों के नवीनीकरण के लिए 21.64 करोड़ रुपये स्वीकृत हैं।
शिवमूर्ति चौक, शंकर आश्रम चौक और भगत सिंह चौक से विल्केश्वर तक चौराहों के सुधार व पैडेस्ट्रीयन फुटपाथ कार्य का भी निरीक्षण किया। 6.83 करोड़ रुपये की लागत वाले इस कार्य में पैदल यात्रियों की सुरक्षा और यातायात संचालन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
रोशनाबाद में 2.51 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन ड्रग वेयरहाउस और दक्षद्वीप के बैरागी क्षेत्र में 12.46 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे 60 मीटर स्पान पुल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने दोनों परियोजनाओं को गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा करने को कहा। सीसीआर-2 भवन के निर्माण में तेजी लाने के लिए जरूरत पड़ने पर दिन-रात काम कराने के निर्देश दिए।
थर्ड पार्टी से होगी गुणवत्ता की सख्त जांच
डाम कोठी में बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने विभागवार निर्माण कार्यों और कुंभ की अन्य तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को पर्याप्त मानव संसाधन और मशीनरी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। निर्माण कार्यों की थर्ड पार्टी गुणवत्ता जांच के लिए नियुक्त एजेंसियों से प्रगति की जानकारी लेते हुए जांच लगातार और सख्ती से करने को कहा।
उन्होंने एनएच परियोजनाओं से प्रभावित होने वाले पार्किंग स्थलों और डायवर्जन मार्गों के लिए वैकल्पिक मार्ग व पुलों की योजना की भी जानकारी ली। भीड़ प्रबंधन को लेकर संभावित परिस्थितियों के आधार पर प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
मेलाधिकारी सोनिका ने बताया कि सभी कार्य निर्धारित टाइमलाइन के अनुसार आगे बढ़ रहे हैं और प्रगति व गुणवत्ता की बहुस्तरीय निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि कुंभ क्षेत्र के पुलों का सुरक्षा ऑडिट कराया जा चुका है और आईआईटी रुड़की से भी जांच कराने का आग्रह किया गया है। सीसीआर-2 भवन की गुणवत्ता जांच के लिए नियुक्त एजेंसी के अलावा केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान से भी जांच कराने का निर्णय लिया गया है।
