भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती पर देहरादून के आईआरडीटी सभागार में समारोह आयोजित किया गया। पंडित गोविंद बल्लभ पंत जयंती समारोह समिति और हिमालयन अभ्युदय सामाजिक संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में हुए कार्यक्रम में वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए युवा पीढ़ी से उनके जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। इस अवसर पर डॉ नवीन चन्द्र पन्त ने लिखी जा रही युवा उत्तराखंड शिक्षा कौशल एवं आत्मनिर्भर विषय पर आने वाली पुस्तक के कवर पृष्ट का भी लोकार्पण किया गया।
मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूड़ी ने कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत कुशल राजनेता, अधिवक्ता और दूरदृष्टा थे। उन्होंने कुरीतियों के खिलाफ निर्णायक संघर्ष किया। कुली बेगार आंदोलन के माध्यम से उन्होंने अंग्रेजों को जवाब दिया और इस प्रथा को समाप्त कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने तराई-भाबर के विकास को लेकर भी दूरदृष्टि का परिचय दिया।
मुख्य वक्ता नीरज पांडे ने पंडित पंत के जीवन और संघर्षों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा के खूंट गांव से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा हासिल की। इसके बाद काशीपुर लौटकर प्रेम सभा का गठन किया और शोषित, वंचित और पीड़ित लोगों की आवाज बनकर कार्य किया। संयुक्त प्रांत के प्रधानमंत्री के रूप में उनके कार्य ऐतिहासिक रहे।
महापौर सौरभ थपलियाल ने पंडित गोविंद बल्लभ पंत को आधुनिक भारत का निर्माता बताते हुए कहा कि वे हिंदी के प्रबल समर्थक थे और विभिन्न भाषागत प्रांतों के गठन में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। पहाड़ के प्रति उनके लगाव के कारण उन्हें हिमालय पुत्र कहा जाता है। उन्होंने युवाओं से पंडित पंत के जीवन और विचारों का अध्ययन करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए सात लोगों को उत्तराखंड स्तंभ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उद्यम के क्षेत्र में शशि बहुगुणा रतूड़ी, पत्रकारिता में शीशपाल गुंसाई, शिक्षा में प्रोफेसर ममता सिंह, लेखन में अवधेश नौटियाल, पर्यावरण में दरपान सिंह बोरा, स्वरोजगार में गोपाल भट्ट और लोकगायन में विवेक नौटियाल को सम्मानित किया गया।
इस दौरान डॉ. नवीन चंद्र पंत की आने वाली पुस्तक ‘युवा उत्तराखंड : शिक्षा, कौशल एवं आत्मनिर्भरता’ के कवर पृष्ठ का लोकार्पण भी किया गया। डॉ. पंत ने बताया कि पुस्तक में विकसित उत्तराखंड के लिए युवाओं की भूमिका और राज्य के विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया जाएगा।
समारोह में सोशल बलूनी पब्लिक स्कूल, महिला आईटीआई, उत्तरांचल विश्वविद्यालय और तुलाज विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने योग, लोकनृत्य, लोकगायन और देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति दी। सभी प्रतिभागियों को अतिथियों ने सम्मानित किया।
कार्यक्रम संयोजक राकेश डोभाल ने बताया कि समिति और संस्थान की ओर से हर वर्ष पंडित गोविंद बल्लभ पंत की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित कर युवा पीढ़ी को उनके जीवन और योगदान से परिचित कराया जाता है। संचालन डॉ. नवीन पंत ने किया। सह-संयोजक प्रदीप कुमार ने आभार जताया।
