एसटीएफ के आईजी एवं विशेष जांच टीम (एसआईटी) के अध्यक्ष नीलेश आनंद भरणे अपनी टीम के साथ आज काठगोदाम पहुंचे, जहां उन्होंने संबंधित प्रकरण के घटनास्थल (क्राइम सीन) का निरीक्षण किया। इस दौरान एफएसएल टीम की मदद से मौके से आवश्यक वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्रित किए गए। साथ ही प्रकरण से जुड़े स्वतंत्र गवाहों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया भी जारी है।
आईजी नीलेश आनंद भरणे ने एसआईटी द्वारा की जा रही कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि ऊधमसिंहनगर पुलिस कार्यालय, थाना आईटीआई, चौकी पैगा समेत अन्य संबंधित कार्यालयों में उपलब्ध सभी अभिलेखों और दस्तावेजों को सुरक्षित किया जा रहा है, ताकि साक्ष्यों की शुचिता और विश्वसनीयता बनी रहे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एसआईटी के अतिरिक्त स्थानीय पुलिस को पीड़ित परिवार या गवाहों से अनावश्यक संपर्क न करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, पीड़ित परिवार और गवाहों की सुरक्षा को देखते हुए अन्य जनपदों से सुरक्षा गार्द की तैनाती भी की जा रही है।
तकनीकी विश्लेषण और जांच को और मजबूत करने के उद्देश्य से एसआईटी में अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया है, जिनमें तीन उप निरीक्षक, दो हेड कांस्टेबल और एक कांस्टेबल शामिल हैं। यह टीम सर्विलांस, तकनीकी जांच और साक्ष्य विश्लेषण में सहयोग करेगी।
देर सायं एसआईटी टीम ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। एसआईटी प्रमुख नीलेश आनंद भरणे ने बताया कि इस संवेदनशील मामले की जांच तथ्यों, साक्ष्यों और विधिक प्रावधानों के आधार पर पूरी निष्पक्षता से की जा रही है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि घटनास्थल निरीक्षण के बाद थाना आईटीआई में दर्ज एफआईआर को अब थाना काठगोदाम स्थानांतरित किया जा रहा है।
