कांवड़ मेला को सकुशल और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए उत्तराखंड पुलिस ने विस्तृत यातायात योजना जारी कर दी है। दिल्ली, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, देहरादून, ऋषिकेश, नैनीताल और नजीबाबाद समेत विभिन्न राज्यों और शहरों से आने वाले कांवड़ वाहनों, रोडवेज एवं निजी बसों तथा भारी वाहनों के लिए अलग-अलग रूट निर्धारित किए गए हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे कांवड़ वाहनों के लिए पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा, जबकि भारी वाहनों पर भी चरणबद्ध तरीके से प्रतिबंध लागू किया जाएगा।
पुलिस की ओर से जारी योजना के अनुसार सहारनपुर और यमुनानगर की ओर से आने वाले कांवड़ वाहनों को मंडावर, सालियर चौक, अब्दुल कलाम चौक, नगला ईमरती और लक्सर होते हुए एसएम तिराहा से बैरागी कैंप पार्किंग तक भेजा जाएगा। यदि यातायात का दबाव बढ़ता है तो दिल्ली, मेरठ और मुजफ्फरनगर से आने वाले वाहनों को रामपुर तिराहा, कोलकी टोल प्लाजा और बड़कलां के रास्ते इसी रूट से डायवर्ट किया जाएगा।
मुरादाबाद, बिजनौर और नजीबाबाद की ओर से आने वाले कांवड़ वाहनों को चिड़ियापुर, गैण्डीखाता और 4.2 डायवर्जन से गौरीशंकर तथा नीलधारा पार्किंग में पार्क कराया जाएगा। वहीं देहरादून और ऋषिकेश से आने वाले वाहनों को नेपाली तिराहा, सप्तऋषि तिराहा और दूधाधारी फ्लाईओवर होते हुए चमगादड़ टापू एवं लालजीवाला पार्किंग तक भेजा जाएगा।
रोडवेज और निजी बसों के लिए भी अलग यातायात व्यवस्था लागू की गई है। दिल्ली, पंजाब और हरियाणा से आने-जाने वाली रोडवेज बसें दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के माध्यम से मंडावर और अब्दुल कलाम चौक होते हुए ऋषिकुल मैदान तक संचालित होंगी। देहरादून और ऋषिकेश से आने वाली बसों को मोतीचूर पार्किंग तक भेजा जाएगा। निजी बसों के लिए भी इसी प्रकार अलग-अलग पार्किंग स्थल और रूट निर्धारित किए गए हैं।
भारी वाहनों के संचालन पर भी विशेष प्रतिबंध लगाए गए हैं। 29 और 30 जुलाई से 4 अगस्त तक भारी वाहनों के आवागमन के लिए रात्रि 12 बजे से सुबह 4 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है। जबकि 5 और 6 अगस्त से 11 अगस्त तक हरिद्वार मेला क्षेत्र में भारी वाहनों का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
चारधाम यात्रा को ध्यान में रखते हुए भी विशेष व्यवस्था की गई है। केदारनाथ और बदरीनाथ जाने वाले वाहनों को मेरठ, गढ़मुक्तेश्वर, नजीबाबाद, कोटद्वार और श्रीनगर मार्ग अथवा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उपयोग करने की सलाह दी गई है। वहीं गंगोत्री और यमुनोत्री जाने वाले वाहनों के लिए दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को प्राथमिक मार्ग बनाया गया है।
पैदल कांवड़ियों के लिए भी अलग रूट निर्धारित किए गए हैं। हर की पैड़ी से दिल्ली, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और हरियाणा की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं को रोडीबेलवाला, केशव आश्रम, ओम पुल, शंकराचार्य चौक, सिंहद्वार और बहादराबाद नहर पटरी मार्ग से भेजा जाएगा। जबकि नजीबाबाद और मुरादाबाद की ओर जाने वाले कांवड़िए सीसीआर चौक, चंडी चौक और 4.2 तिरछा पुल होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे। देहरादून और ऋषिकेश जाने वाले पैदल श्रद्धालुओं के लिए हर की पैड़ी, भीमगोड़ा, खड़खड़ी और दूधाधारी तिराहे से राष्ट्रीय राजमार्ग-34 का मार्ग निर्धारित किया गया है।
हरिद्वार पुलिस ने श्रद्धालुओं, स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों से अपील की है कि वे जारी ट्रैफिक प्लान का पालन करें, निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करें तथा किसी भी असुविधा की स्थिति में यातायात पुलिस के निर्देशों का पालन कर प्रशासन का सहयोग करें।
