मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि 14 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद दावे और आपत्तियों के निस्तारण के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए।

वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कुमाऊं और गढ़वाल मंडल के आयुक्तों के साथ हुई बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि अधिक संख्या में “अनकलेक्टेबल” मतदाताओं वाले मतदान केंद्रों का फील्ड निरीक्षण किया जाए और बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) एब्सेंट, शिफ्टेड और डेथ सूची में शामिल मतदाताओं के रिकॉर्ड पर आवश्यक टिप्पणियां दर्ज करें।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने पर्वतीय क्षेत्रों में न्याय पंचायत स्तर तथा मैदानी क्षेत्रों में तहसील, नगर निगम, नगर पंचायत और वार्ड स्तर पर दावे-आपत्तियों के निस्तारण के लिए विशेष कैंप लगाने का रोस्टर तैयार करने के निर्देश भी दिए। साथ ही कहा कि नोटिस प्रक्रिया के दौरान किसी भी मतदाता को अनावश्यक परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।