देहरादून। उत्तराखंड पुलिस से सबंधित वर्तमान एवं भविष्य की कार्ययोजनाएं अपर मुख्य सचिव गृह, राधा रतूड़ी के समक्ष प्रस्तुत की गई। पुलिस महानिरीक्षक, कार्मिक विम्मी सचदेवा ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से पुलिस के शासन स्तर के मुद्दों से अपर मुख्य सचिव को अवगत कराया।

बुधवार को पुलिस मुख्यालय, उत्तराखण्ड में आयोजित बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह ने कहा कि हम सभी को एक टीम के रूप में कार्य करने का संकल्प लेना है। पुलिस मुख्यालय और गृह विभाग में आपसी समन्वय बेहतर हो उसके लिए यह बैठक आयोजित हुई है। जो भी प्रकरण जिस भी स्तर पर लम्बित हैं उनका परस्पर संवाद से निराकरण करने का प्रयास किया जाएगा। जो भी निर्णय हों वे सर्वहित और जनहित में हों।

इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक, अभिनव कुमार, ने जयपुर, राजस्थान में आयोजित हुई 58वीं अखिल भारतीय पुलिस महानिदेशक/महानिरीक्षक सम्मेलन-2023 में प्रधानमंत्री के स्मार्ट पुलिस विजन एवं राष्ट्रीय सुरक्षा के महत्वपूर्ण घटकों, नए आपराधिक कानूनों, साइबर क्राइम आदि विभिन्न बिन्दुओं पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस को भारत सरकार के आंकलन संबंधी सभी मापदण्डों- अपराध एवं कानून व्यवस्था, इन्फ्रास्ट्रक्चर, पब्लिक डिलीवरी में बेहतर प्रदर्शन कर उत्तराखण्ड पुलिस को देश में टॉप में लाना हमारा लक्ष्य रहेगा।

बैठक में इन बिन्दुओं पर किया गया विचार विमर्श

  • दोषसिद्धि दर, सम्पत्ति बरामदगी दर एवं चार्जशीट दर में उत्तराखण्ड का प्रतिशत काफी अच्छा है। महिलाओं एवं बच्चों से सम्बन्धित अपराधों पर विशेष ध्यान देने हेतु निर्देशित किया।
  • स्मार्ट और इंटेलिजेंट कमांड एवं कंट्रोल सेंटर में उपकरण लगाये जाने एवं स्क्रैप पॉलिसी के अन्तर्गत नये वाहनांे के क्रय करने हेतु शासन स्तर से बजट स्वीकृत करने का प्रयास किया जाएगा।
  • अन्तर्राष्ट्रीय बॉडर के ग्रामों को सशक्त बनाने एवं पलायन को रोकने हेतु सीमा रक्षक/हिम प्रहरी दल योजना के तहत ग्राम वासियों को प्रशिक्षण प्रदान करने का भी निर्णय लिया गया।
  • साईबर अपराध की रोकथाम हेतु प्रदेश में साईबर उत्कृष्टता केंद्र सीसीओई की स्थापना करने का प्रयास किया जाएगा।
  • कुमाऊँ परिक्षेत्र में एसडीआरएफ की नई बटालियन खोले जाने का प्रयास किया जाएगा।
  • उत्तराखण्ड पुलिस अधिनियम के विभिन्न प्रस्तरों में संशोधन, पुलिस रेगुलेशन का प्रख्यापन, सहित विभिन्न पदों की नियमावली सम्बन्धी प्रस्ताव तैयार कर समय से शासन को प्रेषित करने का निर्णय लिया गया।
  • विभिन्न पुलिस इकाइयों, जिनमें अलग से जनशक्ति स्वीकृत नहीं है (एयरपोर्ट, हेलीपेड सुरक्षा, एएनटीएफ, एएचटीयू, गोवंश संरक्षण स्क्वॉड), में स्वीकृती हेतु प्रयास किया जाएगा।

बैठक में अमित सिन्हा, अपर पुलिस महानिदेशक, प्रशासन, वी मुरूगेशन, अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस दूरसंचार, ए पी अंशुमान, अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, सहित समस्त पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस उप महानिरीक्षक उत्तराखण्ड शासन से विशेष सचिव गृह रिधिम अग्रवाल, अपर सचिव गृह अतर सिंह, अपर सचिव गृह निवेदिता कुकरेती, गृह अनुभागों के उप सचिव सहित अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।