श्रीबदरीनाथ धाम मंदिर में चढ़ावे की धनराशि में कथित वित्तीय अनियमितता के मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है। भाजपा ने कांग्रेस पर इस संवेदनशील प्रकरण का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े मामले में कांग्रेस अनावश्यक प्रचार कर रही है। पार्टी ने दावा किया कि मामला सामने आते ही बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति और राज्य सरकार ने तत्काल जांच और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी थी।

भाजपा की ओर से जारी बयान में कहा गया कि मंदिर समिति ने वित्तीय अनियमितता की जानकारी मिलते ही विभागीय जांच कराई, संबंधित आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई और सरकार ने भी गढ़वाल मंडलायुक्त की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की है। पार्टी का कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

भाजपा ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि संबंधित कर्मचारी की अस्थायी नियुक्ति उनके कार्यकाल में हुई थी और बाद में उसे स्थायी भी किया गया। भाजपा ने कहा कि यदि गोदियाल इस मामले में कोई सफाई देना चाहते हैं तो उन्हें बदरीनाथ या केदारनाथ धाम आकर अपनी बात रखनी चाहिए।

बयान में यह भी कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में ऐतिहासिक विकास कार्य हुए हैं। भाजपा ने कांग्रेस से सवाल किया कि वह बताए कि अपने शासनकाल में या मंदिर समिति के नेतृत्व के दौरान उसने धामों के विकास के लिए कौन-कौन से उल्लेखनीय कार्य किए।

भाजपा ने अंत में कहा कि आस्था से जुड़े मामलों में राजनीति से बचना चाहिए और जांच पूरी होने तक तथ्यों के आधार पर ही टिप्पणी की जानी चाहिए।