कुंभ मेला-2027 में उत्तराखंड की देव डोलियों का अमृत स्नान 15 मार्च को हरिद्वार में होगा। इससे एक दिन पहले 14 मार्च को ऋषिकेश में देव डोलियों की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। देवभूमि की समृद्ध लोक संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और जनआस्था को प्रदर्शित करने वाले इस आयोजन को भव्य स्वरूप देने के लिए मेला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
आयोजन की व्यवस्थाओं को लेकर शुक्रवार को मेला नियंत्रण भवन, हरिद्वार में अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती की अध्यक्षता में देवभूमि लोक संस्कृति विरासत शोभायात्रा समिति के पदाधिकारियों के साथ बैठक हुई। इसमें देव डोलियों की शोभायात्रा के मार्ग, ठहराव स्थलों, पारंपरिक स्वरूप और गंगा स्नान की व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में देव डोलियों के साथ आने वाले प्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। साथ ही आयोजन को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाने पर भी विचार-विमर्श हुआ।
अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने कहा कि कुंभ मेले में देव डोलियों की शोभायात्रा और अमृत स्नान उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, धार्मिक मान्यताओं और सदियों पुरानी परंपराओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण अवसर होगा। इसके माध्यम से देश-दुनिया से हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं को देवभूमि की विशिष्ट सांस्कृतिक विरासत और लोक आस्था को करीब से जानने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि आयोजन की धार्मिक गरिमा और पारंपरिक स्वरूप को बनाए रखते हुए देव डोलियों के आवागमन, ठहराव, स्नान और श्रद्धालुओं की सुविधा व सुरक्षा के लिए समुचित प्रबंध किए जाएंगे। मेला प्रशासन आयोजन समिति और संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर तैयारियों को आगे बढ़ा रहा है।
बैठक में समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि देव डोलियों के आगमन और उनके साथ आने वाले श्रद्धालुओं की व्यवस्थाओं को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। बैठक में समिति के कार्यकारी अध्यक्ष हर्षमणि व्यास, विपिन जोशी, बंशीधर पोखरियाल, द्वारिका भट्ट, रमेश पैन्यूली, गजेंद्र सिंह कंडियाल, भगवान सिंह रांगड़, प्रमोद डोभाल, जसराम ढोंढियाल, मुकेश जोशी और आचार्य भवानी दत्त मैंदोलिया सहित अन्य सदस्य और अधिकारी मौजूद रहे।

