मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में रविवार को बनबसा स्थित एनएचपीसी परिसर में हुई कैबिनेट बैठक में वन भूमि प्रकरणों के लिए छह पदों वाली पीएमयू बनाने, वर्ग-3 व वर्ग-4 की भूमि के विनियमितीकरण, पंतनगर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए 66.29 करोड़ रुपये जारी करने और संपत्ति लेन-देन में पैन सत्यापन अनिवार्य करने समेत 12 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में राज्य की वित्तीय व्यवस्था से जुड़े अहम फैसले भी लिए गए।
कैबिनेट ने वन भूमि हस्तांतरण प्रकरणों के तकनीकी परीक्षण और ऑनलाइन संरेखण के परीक्षण के लिए नोडल अधिकारी, वन संरक्षण के कार्यालय में परियोजना प्रबंधन इकाई (पीएमयू) के गठन को मंजूरी दी। इसके लिए छह पद स्वीकृत किए गए हैं।
वर्ग-3 और वर्ग-4 की भूमि के पट्टेदारों व कब्जाधारकों को भूमिधरी अधिकार देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली। लालकुआं के संबंधित पट्टेदारों व कब्जाधारकों को संक्रमणीय भूमिधरी अधिकार दिए जाएंगे। जौनसार-बावर में वर्ग-4 की भूमि के विनियमितीकरण को एक साल के लिए वर्ष 2004 के सर्किल रेट के आधार पर बढ़ाया जाएगा। इसके बाद मौजूदा सर्किल रेट लागू होगा।
पंतनगर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के विस्तार के लिए उत्तराखंड सीड्स एंड तराई डेवलपमेंट कॉरपोरेशन को 66.2916 करोड़ रुपये की अवशेष धनराशि जारी करने को मंजूरी दी गई। राशि नवनिर्माण और निर्धारित कार्यों पर खर्च होगी।
संपत्ति की खरीद-बिक्री में दिए जाने वाले पैन की सत्यापन व्यवस्था लागू होगी। इससे फर्जी पैन के इस्तेमाल पर अंकुश लगाने और आयकर विभाग को रिपोर्टिंग में पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
वित्तीय घाटे की सीमा 3 प्रतिशत
कैबिनेट ने उत्तराखंड राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन (संशोधन) विधेयक-2026 को मंजूरी दी। इसके तहत 2026-27 से 2030-31 तक वार्षिक राजकोषीय घाटे की सीमा जीएसडीपी का तीन प्रतिशत और कुल संचयी ऋण की अधिकतम सीमा 30 प्रतिशत तय की गई है। आपदा और सुरक्षा संबंधी परिस्थितियों में नियमानुसार अतिरिक्त छूट का प्रावधान रहेगा।
वन विभाग में विभागाध्यक्ष की व्यवस्था में बदलाव करते हुए मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं और मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल को विभागाध्यक्ष घोषित किया जाएगा। इससे वनाग्नि, आपदा, बाढ़ और मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसी परिस्थितियों में कार्रवाई तेज करने का लक्ष्य है।
छठवें राज्य वित्त आयोग की पंचायतीराज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों से संबंधित रिपोर्ट को आगामी विधानसभा सत्र में रखने को मंजूरी दी गई। आयोग ने 2026-27 से 2030-31 के लिए स्थानीय निकायों को राज्य के शुद्ध कर राजस्व से होने वाले अंतरण सहित वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सिफारिशें दी हैं।
इसके अलावा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत सहायक लोक अभियोजक की नियुक्ति संबंधी अधिसूचना, राज्य कर्मचारियों की आचरण नियमावली में संशोधन और सतर्कता अधिष्ठान से संबंधित अधिसूचना में भारतीय न्याय संहिता के अनुरूप संशोधन को मंजूरी दी गई।
समूह ग के पदों पर साक्षात्कार प्रक्रिया संबंधी संशोधन नियमावली को भी मंजूरी मिली। उप कारापाल के पद पर शारीरिक दक्षता और लिखित परीक्षा होने के कारण साक्षात्कार समाप्त किया जाएगा। जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी के पद को संबंधित परिशिष्ट से हटाया जाएगा। साथ ही, लोक सेवा आयोग के कृत्यों के परिसीमन संबंधी विनियम में संशोधन कर इस पद को आयोग के परिशिष्ट से बाहर किया जाएगा।
